
स्योहारा, बिजनौर, आरिफ जैदी। चीनी मिल स्योहारा के कुरी फार्म पर एक वृहद गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमे को 238 के जनक पद्मश्री डॉ बक्शीराम ने किसानों से कहा कि को 238 प्रजाति पूरी तरह से रेड रोट से ग्रसित हो चुकी है, अतः इसकी बुवाई कदापि न करें, इसके स्थान पर को 118, को 15023, को लख 14201 की बुवाई करें, व जलभराव वाले छेत्र में को 98014 की बुवाई करें। उन्होंने किसानों को बताया कि 5009 नाम की प्रजाति का बीज कभी भी कृषको को वितरित नहीं किया गया, इसके नाम पर 5011 प्रजाति का गन्ना बोया गया है जो कि सामान्य प्रजाति हैध् डॉ साहब ने बताया गया कि को 118 कि बुवाई करते समय बीज के ऊपर केवल 2 इंच मिट्टी ही डाले, और इस प्रकार बनी नाली को जून तक बना रहने दे, यदि 2 इंच मिट्टी डालने से नमी कम हो रही हो तो, गूल में हलका हलका पानी दे दे, को 15023 प्रजाति के गन्ने कि बुवाई में पोटाश कि मात्रा 25-30 किगा प्रति एकड़ बुवाई पर अवश्य डाले, पोटाश कि इतनी ही मात्रा मिट्टी चढ़ाते समय अवश्य जड़ो के पास डाले, चोटी बेधक कि प्रथम पीढ़ी की रोकथाम हेतु, मार्च माह में ग्रसित गन्नो को जड़ के पास से काट कर पशुओ को चारे में खिला दे, एवम मई के अंतिम सप्ताह में कीटनाशक को 150 मिली मात्रा को 200 लीटर पानी मै मिलाकर जड़ के पास ड्रेचिंग करें।
किसान भाइयो को यह भी आगाह किया कि बीज विक्रेताओ द्वारा 86032, 517, 11082, 5125, एवम 9709 के नाम पर अधिकतर अस्वीकृत प्रजातियों का गन्ना महंगे रेट पर बेचा जा रहा है, अतः भ्रमित न होध् मिल के अधिशासी अध्यक्ष सुखवीर सिंह जी ने किसानों को बताया कि नवीन गन्ना प्रजातियों का बीज मिल फार्मो पर उगाकर कृषको को उपलब्ध करवाया जाएगा। गोष्ठी में मिल द्वारा विभिन्न कृषि यंत्रो का प्रदर्शन भी किया गया। गोष्ठी में जिला गन्ना अधिकारी प्रभु नारायण सिंह, मिल के अधिसासी उपाध्यक्ष, अशोक मित्तल, उपाध्यक्ष गन्ना, प्रमोद कुमार, उपाध्यक्ष गन्ना अरविन्द सिंह, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक वीरेंदर सहाय, सचिव स्योहारा प्रदीप शर्मा, व छेत्र के 500 गणमान्य किसान उपस्थित रहे।