सहारनपुर। नगर निगम की टंकियों से आपके घर आपूर्ति किया जा रहा पेयजल पीने योग्य है या नहीं इसकी जांच आप अपने घर बैठे ही कर सकते है। लोगों की जानकारी के लिए नगर निगम के जलकल विभाग ने पेयजल आपूर्ति करने वाली सभी टंकियों (ओवर हैड टैंक) पर जलापूर्ति में मिश्रित किये जाने वाली क्लोरीन की मात्रा का चार्ट (विवरण) लगाया है।
नगरायुक्त संजय चौहान के निर्देश पर जलकल विभाग ने जलापूर्ति में मिश्रित किये जाने वाली क्लोरीन की मात्रा का चार्ट सभी ओवरहैड टैंक पर लगाया है। महाप्रबंधक जल बी के सिंह ने बताया कि चार्ट में पानी में मिश्रित क्लोरीन की मात्रा के अनुसार पानी का कलर दर्शाया गया है। उन्होंने बताया कि 0.15 एमजी प्रति लीटर तक क्लोरीन की मात्रा पानी में पर्याप्त नहीं है। उन्होंने बताया कि 0.20-0.50 एमजी प्रति लीटर क्लोरीन पानी में मिश्रित किया जाना सुरक्षित होता है। जलकल विभाग द्वारा इसी अनुपात में क्लोरीन की मात्रा पेयजल में मिश्रित की जाती है। इस अनुपात में क्लोरीन मिश्रित किये जाने पर पानी का रंग लगभग बिल्कुल सफेद आता है।
महाप्रबंधक ने बताया कि यदि इससे अधिक यानि 1.00 एमजी/लीटर क्लोरीन पानी में मिश्रित की जाती है तो पानी में पीलापन आना शुरु हो जाता है। जैसे-जैसे यह मात्रा बढ़ती जायेगी पानी का रंग पीला आना शुरु हो जायेगा। उन्होंने बताया कि 2.00-5.00 एमजी/प्रति लीटर पानी का रंग पीला हो जाता है।
5.00 एमजी/प्रतिलीटर क्लोरीन पानी में मिश्रित किये जाने पर पानी का रंग काफी पीला आता है। इस प्रकार आप अपने घर की टंकियों में आने वाले पानी का रंग देखकर स्वयं ज्ञात कर सकते है कि जिस पानी की आपके घर आपूर्ति की जा रही है वह किताना सुरक्षित है।