
मेरठ हीरा टाइम्स ब्यूरो। जागृति विहार एक्सटेंशन में 5 दिवसीय हनुमंत कथा का शुभारंभ हो गया। आचार्य पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कथा की शुरुआत श्रीराम जय जय राम आरती से की। उन्होंने कहा- मेरठ से ही 1857 की क्रांति की शुरुआत हुई। हमारा सौभाग्य है कि, मेरठ आने का मौका मिला। 5 दिनों तक कथा में सबको हम शिव बनाकर जाएंगे। आज की कथा का सूत्र है, मस्त रहो। व्यस्त रहो, मस्त रहो। जो मस्त रहता है, उसके पास सब होता है। कहा- जीवन में संगत का बहुत असर पड़ता है, जैसी संगत में रहोगे, वैसा ही आपका चरित्र होगा। हनुमान जी की संगत में रहो। हनुमान जी की संगत से विभीषण को श्री राम मिले। सुग्रीव को श्री राम मिले। ऐसे में हनुमान जी की संगत में रहोगे तो श्रीराम मिलेंगे। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा जब यह मोबाइल नहीं आया था, तब रामायण हुआ करती थी पूरा परिवार बैठकर पढ़ता था। आजकल मॉडर्न जमाना आ गया है। मोबाइल ने इतना दिमाग खराब कर दिया है कि आप अलग कमरे में बेटा अलग कमरे में, लुगाई अलग कमरे में है… सब व्हाट्सएप पर फिक्स है। इधर बाप बेटे को मैसेज भेज रहा है- बेटा मोबाइल ना चला पढ़ ले। उधर से बेटा कह रहा है- पापा पढ़ रहा हूं। इधर से बाप मैसेज कर रहा है झूठ मत बोल। मुक्का मारने का इमोजी भेज रहा है। उधर से बेटे ने रोने वाला इमोजी भेज दिया… बताओ क्या जमाना आ गया, पिटाई भी हो गई, रुलाई भी हो गई और गाल पर एक तमाचा भी नहीं लगा। धन्य है डिजिटल पिटाई। बता दें कि, कथा सुननने के लिए उत्तर प्रदेश के साथ-साथ दिल्ली हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, बिहार जैसे प्रदेशों से भी लोग पहुंच रहे हैं। पंडित धीरेंद्र शास्त्री की वेस्ट यूपी में यह पहली कथा है। 25 से 29 मार्च तक 5 दिन चलने वाली कथा में करीब लाखों श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। हर दिन दोपहर 2 से शाम 6 बजे तक कथा सुनाई जाएगी। शास्त्री ने कहा- कथा में सब श्रोता नहीं आते हैं, कुछ सेल्फी वाले भी आते हैं। अब इस टकले-मोटे को ही देखिए। कैमरामैन, इन पर फोकस कीजिए… बताओ पूरी कथा में हमने कितने प्रवचन कह दिए इन पर कोई असर नहीं हुआ सिर्फ सेल्फी लेने के लिए ये उठे हैं। सेल्फी भी गजब की ले रहे हैं, मुंह टेढ़ा कर करके। उन्होंने कहा कि, हनुमान जी से संघर्ष करना सीखो। हनुमान जी से सीखो कि हमें तोड़ना नहीं, लोगों को जोड़ना है। विनम्रता हम लोगों का गुण होना चाहिए। विनम्रता आएगी तो सम्मान होगा। अहंकार आएगा तो अपमान होगा। उन्होंने कहा कि, आजकल अमीर उन्हें माना जाता है। जिनके घरों में बड़े-बड़े कुत्ते बंधे हों। बड़े वो होते हैं जो जिनके माता पिता उनके घरों में होते हैं। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- संगत का बहुत असर पड़ता है, जैसी संगत में रहोगे, वैसा ही आपका चरित्र होगा। हनुमान जी की संगत में रहो। हनुमान जी की संगत से विभीषण को श्री राम मिले। तालियों की गड़गड़ाहाट से गूंज उठा पंडाल ऐसे में हनुमान जी की संगत में रहोगे तो श्रीराम मिलेंगे। चुटकी लेते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने एक कहानी सुनाई। कहा कि एक बच्चे ने पेपर में लिखा कि मास्टर, तुझमें दम है तो पास करके दिखा। मास्टर ने पता किया तो सामने आया कि वह बच्चा मेरठ का है। यह सुनकर पंडाल में बैठे लोग ठहाके लगाकर हंसने लगे। भजनों के बीच तालियों की गड़गड़ाहाट से पंडाल गूंज उठा। धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा जो अमंगल को मंगल करे, वह हनुमान जी का भक्त। उन्होंने कहा कि अगर कुंडली में मंगल दोष है तो हनुमान जी के रोज दर्शन करो। हनुमान जी की उपासना करो। अमंगल टूट जाएगा। हनुमान जी का जीवन मंगलकारी है। अगर आप हनुमान जी का जाप करोगे तो आपके घर में होने वाला अमंगल टूट जाएगा।