
मेरठ हीरा टाइम्स ब्यूरो। मेरठ कॉलेज के ऐतिहासिक प्रांगण में शहीद ए आजम भगत सिंह की प्रतिमा पर मेरठ कॉलेज के सचिव विवेक कुमार गर्ग एवं प्राचार्य नीरज कुमार द्वारा माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मेरठ कॉलेज सचिव विवेक गर्ग ने बताया कि शहीद ए आजम भगत सिंह का नाम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा हुआ है।
उन्होंने अपने साहस, विचारधारा और बलिदान से देश की आजादी की लड़ाई में अहम योगदान दिया। भगत सिंह ने 23 मार्च 1931 को ब्रिटिश सरकार के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपने दो साथियों सुखदेव और राजगुरु के साथ हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया। यह दिन भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और भावनात्मक दिन के रूप में जाना जाता है।मेरठ कॉलेज के प्रो नीरज कुमार ने बताया कि भगत सिंह का जन्म पंजाब के पाकिस्तान वाले इलाके में हुआ था। उनके पिता किशन सिंह और चाचा अजीत सिंह ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ संघर्षरत थे। जिसका प्रभाव भगत सिंह के विचारों पर भी पड़ा। भगत सिंह ने अपनी शिक्षा के दौरान महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन में भाग लिया लेकिन जब चोरी चोरा कांड के बाद गांधी जी ने आंदोलन वापस लिया तो वह निराश हो गए और क्रांतिकारी मार्ग को अपनाने का निर्णय लिया। उन्होंने चंद्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल और अन्य क्रांतिकारी के साथ मिलकर हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन की स्थापना की।शहीद दिवस की स्मृति पर रक्तदान शिविर मेरठ हीरा टाइम्स ब्यूरो। शहीद दिवस की स्मृति में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र , मुजफ्फरनगर में ला.ला.रा.स्मा. मेडिकल कॉलेज मेरठ के रक्त कोष विभाग द्वारा ’मिशन वंदेमातरम दा ट्रस्ट के माध्यम से एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। प्रभारी अधिकारी डा प्रिया गुप्ता ने बताया कि रक्तदान शिविर मे 105 यूनिट रक्तदान हुआ। प्राचार्य डा आर सी गुप्ता ने कहा कि रक्तदान महादान है। मेडिकल कालेज प्रशासन ने सभी रक्तदाताओं को उनके द्वारा किये गये रक्त दान हेतु आभार व्यक्त किया। शिविर में रक्तकोष काउंसलर रश्मि बिष्ट, डॉ रोहित,डा सोनाली, लैब टेक्नीशियन तथा स्टाफ नर्स , प्रदीप, यशपाल का सराहनीय सहयोग रहा।