
मेरठ हीरा टाइम्स ब्यूरो। आईआईएमटी विश्वविद्यालय में कॉलेज ऑफ एजुकेशन शिक्षा विभाग द्वारा दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी को आयोजन ‘‘भारतीय ज्ञान परंपरा के आयाम एवं नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020’’ विषय पर किया गया।संगोष्ठी का शुभारम्भ माँ सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया गया। राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य अतिथि अवनीश भटनागर राष्ट्रीय महासचिव विद्या भारती नई दिल्ली तथा डॉ. दिनेश कुमार, संकाय अध्यक्ष, अर्थशास्त्र विभाग चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ रहे। आयोजन के प्रारम्भिक उद्बोधन में आईआईएमटी विश्वविद्यालय मेरठ के कुलाधिपति योगेश मोहन गुप्ता ने दो दिवसीय संगोष्ठी के सफल आयोजन हेतु बधाई व शुभकामनाएँ दी। कुलपति डॉ. दीपा शर्मा ने संगोष्ठी के शीर्षक की प्रासंगिकता को आधुनिक शिक्षा में अति महत्वपूर्ण बताया और इस विषय पर और अधिक कार्यक्रम आयोजित किये जाने की आवश्यकता बताई। मुख्य अतिथि अवनीश भटनागर ने भारतीय ज्ञान परम्परा के संस्कार शिक्षा प्रणाली और व्यक्तित्व निर्माण के विभिन्न आयामों को नई शिक्षा नीति के संदर्भ में विस्तारपूर्वक समझाया साथ ही आधुनिक ज्ञान परम्परा से जुड़े विभिन्न तथ्यों को समावेशित करने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि विद्यार्थियों में सामाजिक सद्भाव, राष्ट्रीय विकास तथा आत्मनिर्भरता व आत्मानुशासन का विकास हो सके। दूसरे मुख्य वक्ता डॉ0 दिनेश कुमार ने आधुनिक विकास के सन्दर्भ में आने वाली चुनौतियों के समाधान हेतु भारतीय शिक्षा प्रणाली में एनईपी-2020 के माध्यम से भारतीय ज्ञान परम्परा के आयामों को समाधान के रूप में विस्तृत रूप में समझाया। प्रथम तकनीकी सत्र के विशेषज्ञ डॉ0 नवनीत जी संकाय अध्यक्ष स्कूल ऑफ लाइफ साइंस, आईआईएमटी विश्वविद्यालय मेरठ रहे। इन्होंने सभी प्रतिभागियों के शोध पत्रों की सराहना करते हुए एन. ईपी.-2020 मंे भारतीय ज्ञान प्रणाली को समावेशित करने के विषय में विस्तार से बताया। दूसरे दिन सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने शोध पत्र प्रस्तुत किये द्वितीय तथा तृतीय तकनीकी सत्र के विशेषज्ञ डॉ0 धीरेन्द्र कुमार निदेशक, आईआईएमटी इंजीनियरिंग कालेज, मेरठ रहे। इन्होंने सभी प्रतिभागियों के शोध पत्रों की सराहना करते हुए भारतीय ज्ञान प्रणाली के विषय में विस्तार से बताया।संगोष्ठी के समापन सत्र में डॉ. गौरव राव प्रोफेसर कालेज ऑफ एजूकेशन, दिल्ली विश्वविद्यालय ने विस्घ्तृत रूप में समझाया की हम कैसे भारतीय ज्ञान को व्यवहारिक रूप में उपयोग कर सकते हैं।
प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत शोध पत्रों का गूढ विश्लेषण के आधार पर संगोष्ठी के समापन सत्र में डॉ0 सरिता गोस्वामी, संकाय अध्यक्ष कालेज ऑफ एजुकेशन ने दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी की रिपोर्ट प्रस्तुत की। डॉ. संजीव अग्रवाल, एसोसिएट डीन, कालेज ने धन्यवाद प्रस्ताव ज्ञापित किया। इस दौरान आईआईएमटी विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. हर्षित सिन्हा, प्रोफेसर एमरेटस डॉ. सुरक्षा पाल, डीन डॉ. सरिता गोस्वामी, एसोसिएट डीन डॉ. संजीव अग्रवाल एवं समस्त संकाय सदस्य व प्रतिभागी उपस्थित रहे। इस संगोष्ठी का संचालन डॉ. शैली राणा, एसोसिएट प्रोफेसर, कालेज ऑफ एजुकेशन व मिस नेहा असिस्टेन्ट प्रोफेसर आर्ट एण्ड हयूमिनीटी ने किया।