मेरठ हीरा टाइम्स ब्यूरो। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय एवं लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के संयुक्त तत्वाधान में अटल सभागार में अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के द्वितीय दिवस के कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रोफेसर कामाख्या कुमार, सुभारती विश्वविद्यालय के प्रोफेसर राहुल बंसल, प्रोफेसर नीलू जैन गुप्ता, प्रोफेसर राकेश कुमार, प्रोफेसर कृष्णकांत शर्मा, डॉक्टर ललिता, प्रोफेसर वैशाली पाटील ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित किया। प्रोफेसर कामाख्या कुमार ने बताया मानव जीवन में समता मूलक सिद्धांत को चरितार्थ करने के लिए महर्षि पतंजलि ने यम, नियम के द्वारा मानव को सामाजिक व व्यक्तिगत कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। आसन के द्वारा शरीर व मन के लिए प्राणायाम का अभ्यास जो की पापों को भी नष्ट करता है। प्रत्याहार इंद्रियों के संयम हेतु धरणा , ध्यान प्रत्यक्ष की अनुभूति कराता है समाधि के द्वारा निर्मित होकर परम सत्य को प्राप्त करना यही मानव जीवन का परम उद्देश्य है। सुभारती विश्वविद्यालय के प्रोफेसर राहुल बंसल शाकाहारी भोजन की विशेषताएं एवं महत्व बताया साथ यह भी बताया मांसाहार मानव को शीघ्रता के साथ व्याधियों का घर बनाकर छोड़ता है। फास्ट फूड, ने हमारे जीवन शैली को धीरे-धीरे परिवर्तित कर हमारे समाज को व्याधियों का कारखाना बनाकर रख दिया। भारतीय ज्ञान परंपरा के अनुरूप योग अभ्यास और भोजन स्वस्थ समाज का निर्माण करता है। भंते डॉक्टर चंद्रपित्त विपश्यना ध्यान के प्रकार बताएं एवं आनापानसती ध्यान का अभ्यास कराया। अर्चना क्षत्राणी ने ध्यान की विभिन्न टेक्निकस बताईं। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर अनिल सिंह तथा डॉक्टर अनिल कुमार यादव ने योग पर प्रस्तुति दी। योगाचार्य अमरपाल ने मानसिक स्वास्थ्य के बारे में बताया राखी सिंह ने योगासन एवं मर्म में अंतर्संबंध की विवेचना की। कार्यक्रम का संचालन रमिता चौधरी ने किया। इस अवसर पर डॉक्टर धर्मेंद्र कुमार, अमरपाल आर्य, डॉक्टर नवजोत सिद्धू, रमिता सिंह, सत्यम कुमार, अंजु मलिक,कमल शर्मा, साक्षी मावी, ईशा पटेल, अभिषेक,आदि मौजूद रहे।
