
मेरठ हीरा टाइम्स ब्यूरो। यूवीपीएफ फाउंडेशन द्वारा, भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) के सहयोग से, मेरठ कैंची क्लस्टर के लिए डिजिटल आउटरीच और ब्रांडिंग पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 15 और 16 फरवरी को किया गया ।
इस कार्यशाला में , स्थानीय कारीगरों को डिजिटल उपकरणों और रणनीतियों के साथ सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित करना था , ताकि उनकी वैश्विक बाजार उपस्थिति और दृश्यता में वृद्धि हो सके। कैंची निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में, मेरठ कैंची क्लस्टर भारत के हस्तशिल्प क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हालाँकि, कई स्थानीय कारीगरों को अभी भी व्यापक बाजारों से जुड़ने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इस कार्यशाला का उद्देश्य उन्हें इन बाधाओं को दूर करने और तेजी से डिजिटल होती दुनिया में सफल होने के लिए ज्ञान और उपकरण प्रदान करना था । इस कार्यक्रम में कई तरह के विषयों को शामिल किया गया जिसमें डिजिटल ब्रांडिंग से उत्पादों की प्रामाणिकता और गुणवत्ता को दर्शाने वाली एक आकर्षक ऑनलाइन उपस्थिति कैसे बनाई जाए तथा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म में कारीगर अपनी पहुँच बढ़ाने और बिक्री बढ़ाने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग कैसे कर सकते हैं। ब्रांड जागरूकता पैदा करने और ग्राहकों को जोड़ने के लिए सोशल मीडिया चौनलों का लाभ उठाने के लिए सर्वोत्तम अभ्यास। व्यावसायिक निर्णयों और विकास को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल एनालिटिक्स को समझना। कार्यशाला में डिजिटल मार्केटिंग और ब्रांडिंग के विशेषज्ञ और प्रशिक्षक ने प्रतिभागियों को व्यावहारिक सत्रों के माध्यम से मार्गदर्शन किया साथ ही प्रतिभागियों को बताया कि अपने डिजिटल मार्केटिंग प्रयासों को बढ़ाने की दिशा में एक स्पष्ट मार्ग कैसे बनाये। इस दो दिन कि कार्यशाला में सिडबी मेरठ शाखा के सहायक प्रबंधक रुचिन मेरठ कैची क्लस्टर के अध्यक्ष फर्मानुद्दीन , उपाध्यक्ष , शरीफ, तनवीर, यू वी पी फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष थोंबरे, कैची के कारीगर तथा विषय विशेषज्ञ उपस्थित रहें।