
नई दिल्ली एजेंसी। कोरोना वायरस जैसे ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस के देश में कुल 13 मामले हो गए हैं। शुक्रवार को राजस्थान के बारां से एक पॉजिटिव केस मिला है। यहां एक 6 महीने की बच्ची एचएमवीपी से संक्रमित हुई हैं। इससे पहले गुरुवार को 3 केस मिले थे। इनमें लखनऊ में 60 साल की महिला, गुजरात के अहमदाबाद में 80 साल का बुजुर्ग और हिम्मतनगर में 7 साल का बच्चा शामिल है। तीनों का इलाज चल रहा है। इससे पहले महाराष्ट्र और गुजरात में 3-3, कर्नाटक और तमिलनाडु में 2-2, पश्चिम बंगाल और यूपी में एक-एक केस सामने आए थे। एचएमवीपी केस बढ़ने पर अब राज्यों ने भी सतर्कता बढ़ा दी है।
पंजाब में बुजुर्गों और बच्चों को मास्क पहनने की सलाह दी गई है। इधर गुजरात में अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनाए जा रहे हैं। हरियाणा में भी स्वास्थ्य विभाग को एचएमवीपी केसेस पर निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं। छोटे बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित: एचएमवीपी संक्रमित होने पर मरीजों में सर्दी और कोविड-19 जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इसका सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों पर देखा जा रहा है। इनमें 2 साल से कम उम्र के बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। केंद्र ने राज्यों को ‘इन्फ्लूएंजा लाइक इलनेस’ और श्सीवर एक्यूट रेस्परेट्री इश्यूजश् जैसी सांस की बीमारियों की निगरानी बढ़ाने और एचएमवीपी के बारे में जागरूकता फैलाने की सलाह दी है। स्वास्थ्य मंत्री नड्डा बोले- एचएमवीपी कोई नया वायरस नहीं: विशेषज्ञों ने यह कहा है कि भ्डच्ट कोई नया वायरस नहीं है। 2001 में इसकी पहली बार पहचान हुई थी। इसके बाद ये दुनिया में फैला। ये सांस लेने से फैलता है, हवा के माध्यम से फैलता है। ये सभी ऐज ग्रुप के लोगों पर असर करता है।ॅ भ्व् हालात पर नजर बनाए हुए है और हमसे जल्द ही रिपोर्ट शेयर की जाएगी। केंद्र सरकार ने कहा था- सर्दी में भ्डच्ट का इन्फेक्शन आम
चीन में भ्डच्ट के बढ़ते मामलों के बीच इमरजेंसी जैसे हालात बनने की बात कही गई थी। हालांकि भारत सरकार ने 4 जनवरी को जॉइंट मॉनिटरिंग ग्रुप की बैठक की थी। इसके बाद सरकार ने कहा था कि सर्दी के मौसम में फ्लू जैसी स्थिति असामान्य नहीं है। चीन के मामलों पर भी नजर रखे हुए हैं और सरकार इनसे निपटने के लिए तैयार है