
लखनऊ एजेंसी। यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने संगठन को नए सिरे से सशक्त बनाने की कवायद शुरू कर दी है। मंगलवार देर रात 750 मंडल अध्यक्षों की नई सूची जारी की गई। प्रदेश में 1819 मंडल अध्यक्ष नियुक्त किए जाने हैं। अब तक 1510 मंडल अध्यक्षों की घोषणा हो चुकी है। 309 मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। सूत्रों के मुताबिक, कई जिलों में सांसद और विधायकों के बीच मंडल अध्यक्षों को लेकर मतभेद हैं। इसके अलावा, जातीय समीकरण साधने के लिए नियुक्तियां रोकी गई हैं। नई सूची के अनुसार, 40-50 प्रतिशत से अधिक मंडल अध्यक्ष बदले गए हैं। पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी और दलित पर फोकस किया है। झांसी में पहली बार महिला को मंडल अध्यक्ष बनाया गया। बबीना कैंट मंडल में डॉ. शिखा साहू को अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पहले, 30 दिसंबर को 760 मंडल अध्यक्षों की सूची जारी की गई थी। रायबरेली में 2 साल पहले मर चुके कार्यकर्ता को मंडल अध्यक्ष बना दिया गया था। इस पर जमकर हंगामा हुआ था।
रायबरेली में 2 साल पहले मर चुके कार्यकर्ता को बनाया जिला प्रतिनिधि, हंगामा: यूपी में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने संगठन को नए सिरे से सशक्त बनाने की कवायद शुरू कर दी है। दिल्ली में हुई बैठक के बाद यूपी में जिलेवार मंडल अध्यक्षों की नई तैनाती की लिस्ट जारी करनी शुरू कर दी है। रायबरेली में 22 मंडल अध्यक्षों और 22 जिला प्रतिनिधियों का ऐलान किया। जिला प्रतिनिधियों में 7वें नंबर पर संजय मौर्या का नाम शामिल है। संजय को राही ब्लॉक का जिला प्रतिनिधि बनाया गया है। उनका 18 मई 2022 को निधन हो चुका है। इस पर हंगामा शुरू हो गया है।