
मेरठ हीरा टाइम्स ब्यूरो। रघुनाथ गर्ल्स पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज के हिंदी विभाग द्वारा चलाए जा रहे एड-ऑन सर्टिफिकेट कोर्स (32 घंटे) में कृषक पी.जी. कॉलेज के हिंदी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विकास सिंह ने प्रूफ संशोधन पर अपने विचार व्यक्त किए। प्रूफ संशोधन पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि प्रूफ संशोधन एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जो किसी भी लिखित सामग्री की शुद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए की जाती है। इस प्रक्रिया में लेख के सभी पहलुओं, जैसे वर्तनी, व्याकरण, वाक्य संरचना, और लेखन शैली की जांच की जाती है। प्रूफ संशोधन से यह सुनिश्चित होता है कि किसी भी प्रकार की त्रुटियां, जैसे टाइपिंग या ग्रामैटिकल गलतियाँ, पाठ में न हो। यह न केवल लेख की पेशेवरता को बढ़ाता है, बल्कि पाठक के लिए संदेश को स्पष्ट और प्रभावी बनाता है। विशेष रूप से शैक्षिक और शोधपत्रों में प्रूफ संशोधन अत्यधिक आवश्यक होता है, क्योंकि इससे सामग्री की विश्वसनीयता और गुणवत्ता सुनिश्चित होती है। इसके बिना, लेख की जानकारी अव्यक्त और भ्रमित हो सकती है। इसलिए, किसी भी प्रकार के लेखन में प्रूफ संशोधन को अनदेखा नहीं किया जा सकता। मेरठ हीरा टाइम्स ब्यूरो। रघुनाथ गर्ल्स डिग्री कॉलेज के चित्रकला विभाग में महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. निवेदिता कुमारी के निर्देशन में चल रहे एड ऑन कोर्स का समापन किया गया। आज उन प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किया गया। फिगरेटिव कंपोजिशन शीर्षक से संचालित यह कोर्स 34 घंटे का रहा। जिसे एक महीने तक विस्तारित कर छ्ात्राओं को विषय से सम्बधित अनेक आयाम को केंद्र में रखकर मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इस रुचिकर विषय में लगभग 45 छात्राओं ने प्रतिभाग किया था । ऐड ऑन कोर्स की निर्देशिका चित्रकला विभाग की अध्यक्षा प्रो. अर्चना रानी ने प्रतिभागी छात्राओं को प्रमाण-पत्र देकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। जिन मेधावी छात्राओं ने महत्वपूर्ण कार्य किये उनमें सायबा मेवाती, ऋषिका कादयान, रुपाली ग्रोवर, सारिबा अंसारी, असना, लक्ष्मी आदि शामिल रहीं। इन्होंने भारतीय चित्रकला के पारंपरिक संयोजन को आधुनक परिवेश के विषय से जोड़कर अनोखा सृजन किया। कोर्स की समन्वयक डॉ नाजिमा इरफान एवं सह- समन्वयक, डॉ. पूनम लता सिंह डॉ. गरिमा कुमारी, मिस हिना यादव ने छात्राओं को कला में संयोजन के महत्व उससे जुड़ी बरीकिया इस कार्यक्रम के तहत सिखाई। जिसमे चित्र -संयोजन में सक्रिय अंतराल में आकृति के प्रतिस्थापन के विषय में, अनुपात आकृतियों के बीच सामंजस्य से ही श्रेष्ठ सयोजन निर्माण करना बताया। प्राचार्या प्रो. निवेदिता मलिक ने सफल कोर्स के आयोजन पर विभाग को बधाई दी।