
बुलंदशहर संवाद सूत्र। बुलंदशहर में सिख पंथ के दशम गुरु गोबिन्द सिंह जी महाराज के चार साहिबजादों की शौर्य गाथा को वीर बाल दिवस के अवसर पर राष्ट्र चेतना मिशन ने अनूठे अंदाज में याद किया। डीएम रोड स्थित विवेकानंद सरस्वती विद्या मंदिर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में सैकड़ों बच्चों को उनके बलिदान की प्रेरणादायक कहानी सुनाई गई और फिल्म के माध्यम से दिखाया गया। गुरुद्वारा लाल तालाब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी रनजीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित रहे। उन्होंने खालसा पंथ के 10 गुरुओं के योगदान और उनके वीर योद्धाओं की बलिदान गाथा का स्मरण कराते हुए कहा, ष्चारों साहिबजादों ने मुगलों के असहनीय अत्याचारों के सामने भी धर्म और सच्चाई का रास्ता नहीं छोड़ा। उनकी कुर्बानी हर पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। कार्यक्रम में बच्चों को 2 घंटे की एनिमेशन फिल्म ‘चार साहिबजादे’ दिखाई गई। राष्ट्र चेतना मिशन ने इसके लिए बड़ी एलईडी और साउंड सिस्टम की व्यवस्था की। फिल्म के जरिए बच्चों को साहिबजादों के जीवन संघर्ष और बलिदान की पूरी कहानी दिखाकर उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया। राष्ट्र चेतना मिशन के अध्यक्ष हेमंत सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साहिबजादों की शहादत को स्मरणीय बनाने के लिए हर साल 21 से 26 दिसंबर तक श्वीर बाल दिवसश् मनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा, ष्यह सिर्फ सिख समाज का नहीं, पूरे भारत का गर्व है कि हमारे इतिहास में ऐसे वीर बालक हुए, जिन्होंने धर्म और सत्य के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। विद्यालय के प्रधानाचार्य मोहित चौहान ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और इस आयोजन को सफल बनाने में गुरुद्वारा और मिशन के पदाधिकारियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम नई पीढ़ी में इतिहास और संस्कृति के प्रति जागरूकता पैदा करते हैं। कार्यक्रम में ज्ञानी रनजीत सिंह, हेमंत सिंह, मोहित चौहान के साथ योगेश जादौन, राहुल कुमार, सुरेश कुमार, रामावतार लोधी, देव शर्मा, धनंजय सिंह, अरुण राजपूत, गिरधर चौधरी और जतिन कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।