
मेरठ हीरा टाइम्स ब्यूरो। जल सूक्ष्मजीवविज्ञान वह विज्ञान है, जो जल में उपस्थित सूक्ष्मजीवों का अध्ययन करता है। जल शोधन, जल गुणवत्ता परीक्षण और प्रदूषण नियंत्रण में इसकी अहम भूमिका है। यह क्षेत्र न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य बल्कि उद्यमिता के लिए भी अत्यधिक महत्वपूर्ण बन चुका है। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के जैव प्रौद्योगिक महाविद्यालय में इस विषय पर विस्तार से विचार किया गया, जिसमें जल सूक्ष्म जीव विज्ञान के उद्यमिता में योगदान और इसके विकास के अवसरों पर प्रकाश डाला गया। डॉ. आर.एस. सेंगर के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में सी.सी.एस विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ कपिल स्वामी तथा जैव प्रौद्योगिक महाविद्यालय के डॉ पंकज चौहान, डॉ निलेश कपूर और डॉ रेखा दीक्षित भी शामिल रहे । सीसीएस विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ कपिल स्वामी ने बताया कि जल सूक्ष्मजीवविज्ञान ने जल शोधन प्रौद्योगिकियों में नवाचारों को जन्म दिया है। सूक्ष्मजीवों के उपयोग से जल में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस को प्रभावी ढंग से हटाया जा सकता है, जो जलजनित रोगों से बचाव के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है । डॉ पंकज चौहान ने जल सूक्ष्मजीवविज्ञान का अध्ययन करने वाले उद्यमी अब विभिन्न उद्योगों में पर्यावरणीय स्थिरता बनाए रखने के लिए सूक्ष्मजीवों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे प्रदूषण कम हो रहा है और जल स्रोतों का संरक्षण हो रहा है। इस प्रकार, जल सूक्ष्मजीवविज्ञान न केवल जल के संरक्षण और स्वच्छता के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह उद्यमिता के क्षेत्र में भी नए अवसर उत्पन्न कर रहा है, जो भविष्य में जल सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण के लिए अहम साबित हो सकते है ।
मेरठ हीरा टाइम्स ब्यूरो। 72 यूपी बटालियन एनसीसी मेरठ की द्वारा ऊर्जा संरक्षण दिवस मनाया गया। मीडिया प्रभारी विजयपाल सांवरिया ने बताया कि यह दिवस एसएसडी ब्वॉयज इंटर कॉलेज लालकुर्ती के गांधी सभागार में आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ऊर्जा भवन साकेत मेरठ से अधिशासी अभियंता रवि शर्मा रहे एसएसडी ब्वॉयज इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. बीपी सिंह ने बुके देकर के मुख्य अतिथि का स्वागत किया। इस कार्यक्रम में मेरठ के विभिन्न विद्यालयों सीएबी, डीएन, केंद्रीय विद्यालय पंजाब लाइन, केंद्रीय विद्यालय डोगरा लाइन, बीबीएसएस एम, आईआईएमटी, विद्या कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, डीएन डिग्री कॉलेज के लगभग 100 कैडेट्स ने प्रतिभाग किया। 72 यूपी बटालियन एनसीसी के कमांडिंग आफिसर कर्नल अभिषेक पवार, प्रशासनिक अधिकारी कर्नल रविंद्र सिंह भंडारी, सूबेदार मेजर भीम सिंह, चीफ ऑफिसर संजीव कुमार, सीटीओ शिवम कुमार, सूबेदार सुबोध कुमार, सूबेदार नरोतम, हवलदार विजय सिंह उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि रवि शर्मा ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहां की ऊर्जा को किस प्रकार से भविष्य के लिए सुरक्षित किया जा सकता है जिससे आने वाले भविष्य में किसी प्रकार की कोई परेशानी का सामना न करना पड़े के बारे में विस्तार से बताया। कर्नल रविंद्र सिंह भंडारी ने कहा की कैडेट्स ही आने वाली भारत का भविष्य है । इन्हीं को ऊर्जा की सुरक्षा के लिए प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना चाहिए और दैनिक जीवन में प्रयोग किए जाने वाले विद्युत उपकरणों के सीमित प्रयोग के बारे में बताया। बढ़ते ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन से होने वाली परेशानियों से बचा जा सके।