
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविघालय के अटल सभागार में उत्तर प्रदेश नियामक आयोग द्वारा पश्चिमाचल विद्युत वितरण निगम लि०, मेरठ की सकल विद्युत आवश्यकता टैरिफ वित्तीय वर्ष 2024-25, वार्षिक परर्फोमेन्स रिव्यू वित्तीय वर्ष 2023-24 तथा टू-अप वित्तीय वर्ष 2022-23 याचिका पर जन-सुनवाई का आयोजन किया गया।
जन-सुनवाई में एमडी पॉवर ईशा दुहन उत्तर प्रदेश नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार के समक्ष तकनीकी वाणिज्यिक बिन्दुओं का प्रस्तुतीकरण किया गया । उन्होंने वीवीवीएनएल का विजन 2030 से आयोग का अवगत कराया।
बिजली आपूर्ति से लेकर उपभोक्ता हित में उठाय गये कदमों को प्रजेंटेशन से बताया। 1912, सोशल मीडिया, सीजीआरएफ एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण, ससमय निस्तारण हो।
इस दौरान डिस्काम के मेरठ, मुरादाबाद, नोएडा, गाजियाबाद, बुलन्दशहर, सहारनपुर आदि जनपदों के उपभोक्ताओं व अन्य संबंधित संस्थाओं ने अपने सुझाव आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया।
आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार ने आश्वस्त किया कि उपभोक्ताओं द्वारा दिये गये सुझाव मतों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाऐगा।
बिजली की दरों में न हो बढोत्तरी- अवधेश कुमार वर्मा जनसुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश विघुत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष और राज्य सलाहाकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए पीवीवीएनएल के दावों की पोल खोल दी। उन्होंने कहा उत्तर प्रदेश के विघुत उपभोक्ताओं बिजली कम्पनियों पर 33122 करोड रूपये सरप्लस निकल रहा हैं ऐसे में बिजली दरों में बढोत्तरी की बात करना रेगूलेटरी फ्रेमवर्क का उल्लंघन है।
जन-सुनवाई में उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डा. आशीष कुमार गोयल, सदस्य यू०पी०ई०आर०सी डा. संजय कुमार सिंह, सचिव (यूपीईआरसी) शैलेन्द्र गौड, निदेशक टैरिफ (यूपीईआरसी) डा. अमित भार्गव, पश्चिमाचल विद्युत वितरण निगम लि० के संजय जैन निदेशक (वाणिज्य), एन.के. मिश्र निदेशक (तकनीकी), स्वतंत्र कुमार तोमर निदेशक (वित्त) तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।