
मेरठ हीरा टाइम्स ब्यूरो। अपर जिलाधिकारी सूर्य कान्त त्रिपाठी ने बताया कि वर्तमान वर्ष 2025 में हीटवेव (लू) की आपदा से निपटने के लिए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, मेरठ द्वारा जनहित में उपाय जारी किये है। क्या करें- घर से बाहर निकलते समय गमछा, टोपी, चश्मा एवं छाते का प्रयोग करें, हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें तथा कड़ी धूप से बचें, पर्याप्त मात्रा में तरल पेय पदार्थ जैसे छांछ, लस्सी, नमक चीनी का घोल, नींबू का पानी एवं आम के पने का सेवन करें। प्यास की इच्छा न होने पर भी पानी बार-बार पियें, निर्जलीकरण से बचने के लिए ओरआरएस घोल का प्रयोग करें, यात्रा करते समय पानी हमेशा साथ में रखें, संतुलित हल्का व नियमित भोजन करें, खाना बनाते समय खिड़की, दरवाजे एवं रात को खिड़कियों खुली रखें, जिन खिड़कियों और दरवाजों से गर्म हवा आती है उन पर रिफ्लेक्टर जैसे एल्युमिनियम पन्नी, गत्ते या काले पर्दे लगायें, वृद्धों, बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखें, अधिक परिश्रम के बीच में आराम भी करें। घर की छत पर चूने सफेद रंग का पेन्ट करें, जहाँ तक सम्भव हो घर में ही रहें और सूर्य के सम्पर्क से बचें, स्थानीय मौसम के पूर्वानुमान को सुनें और आगामी तापमान में होने वाले परिवर्तन के प्रति सतर्क रहें, लू लगने के लक्षणों को पहचानें। यदि कमजोरी लगे, सिर दर्द हो, उल्टी महसूस हो, मांसपेशियों में ऐंठन हो और चक्कर आये तो तुरन्त डॉक्टर को दिखायें, लू से प्रभावित व्यक्ति को छाया में लिटाकर सूती गीले कपड़ों से पोछे या शरीर के ऊपर पानी का स्प्रे करें। आराम न मिलने पर तुरंत नजदीकी चिकित्सा केंद्र ले जायें, आपात स्थिति से निपटने के लिए प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण लें, जानवरों को छाया में बांध और उन्हें पर्याप्त पानी पिलायें। क्या न करें- अधिक गर्म चाय,काफी एवं शराब जैसे पेयपदार्थ का सेवन न करें, अधिक तेज धूप में बाहर न निकलें, अधिक गर्मीध्धूप में व्यायाम न करें, धूप में खड़े वाहनों में बच्चों एवं पालतू जानवरों को न छोड़ें, अधिक प्रोटीन वाले तथा बासी खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।