
मवाना संवाददाता। मोहन
गोकुलधाम में पीठाधीश्वर परम पूज्य कृष्णा संजय जी महाराज (हरिद्वार) के पावन सान्निध्य में श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का आयोजन हो रहा है। कथा का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष अखिल कौशिक ने किया। झारखंडी मंदिर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें नगर के श्रद्धालु महिला-पुरुषों ने भक्तिपूर्वक भाग लिया। कलश यात्रा का समापन मधुवन मंडप में हुआ, जहां भक्तों ने पूजन-अर्चन कर श्रीमद्भागवत महापुराण की वंदना की। प्रथम दिवस की कथा में पूज्य कृष्णा संजय जी महाराज ने भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का महत्व बताते हुए कहा कि कलियुग में केवल हरिनाम संकीर्तन ही जीव को संसार के बंधनों से मुक्त कर सकता है। जब मनुष्य भक्ति के मार्ग पर चलता है, तभी उसके भीतर ज्ञान का प्रकाश प्रकट होता है और वह वैराग्य को आत्मसात कर पाता है। महाराज श्री ने भगवान श्रीकृष्ण की कृपा एवं भक्ति की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि स्वयं भगवान का स्वरूप है। इसके श्रवण मात्र से जीवन के समस्त कल्मष नष्ट हो जाते हैं। भागवत पोथी का पूजन श्रद्धालु अशोक चौधरी एवं उनकी धर्मपत्नी द्वारा किया गया। इस अवसर पर संस्थान परिवार से सावित्री, सुशीला, सीमा, कृष्णा, पायल सहित अनेक भक्तगण उपस्थित रहे। पावन कथा महोत्सव में सभी श्रद्धालुओं से निवेदन है कि अधिक से अधिक संख्या में पधारें और श्रीहरि की दिव्य कथामृत धारा में स्नान कर अपने जीवन को कृतार्थ करें।