
बिजनौर विशेष प्रतिनिधि (आरिफ हसन जैदी ) महात्मा विदुर की तप भूमि बिजनौर जनपद को पर्यटन जोन में शामिल किये जाने को लेकर प्रयास तेज कर दिये गये हैं यह जानकारी बिजनौर की जिला अधिकारी जसजीत कौर ने अंतरराष्ट्रीय टीवी एंकर हैदर जैदी से साझा की है। बिजनौर जनपद उत्तर प्रदेश का गौरवशाली ऐसा जनपद रहा है जहां समय समय पर प्रतिभाएं जन्म लेती रहीं है यदि हम महा भारत काल की बात करें तो दुर्योधन के ५६ भोग त्याग कर श्री कृष्ण ने बिजनौर स्थित विदुर कुटी को ही अपनी शरण स्थली बनाया था। जनपद की पश्चिम दिशा के अंतिम छोर पर बसे कभी छोटे से कस्बे स्योहारा अनेकों ऐसी प्रतिभाओं का उदय हुआ जिनको आज तक भुलाया नहीं जा सका है और न ही कभी भुलाया जा सकेगा। भारत के स्वतंत्रता काल पर यदि हम नजर डाले तो देखेंगे कि स्योहारा और उसके आस पास के इलाको स्वतंत्रता सेनानियों का सबसे बड़ा जमवाड़ा यही पर मौजूद रहा है !मौलाना हिफजुर्रहमान यहां के ऐसे स्वतंत्रा सेनानी थे जो देश आजाद होने के बाद भारत की प्रथम लोकसभा के सासंद निर्विरोध चुने गये और अंतिम सांस तक सांसद चुने जाते रहे! शिक्षा के लिए हम स्बि जनौर की किसी प्रतिभा का जिक्र करे तो वो थे स्योहारा में ही जन्में ज्ञान चंद जैन जिन्होंने देश के कई विश्वविद्यालय ओ में शिक्षा देने के साथ साथ लन्दन में भी अपनी शिक्षा का लोहा मनवाया। जनपद बिजनौर के स्योहारा में ही जन्मे बैरिस्टर आसफ अली को शायद ही कभी भुलाया जा सकेगा वो देश के पहले भारत ऐसे बैरिस्टर थे जिन्होंने ब्रिटिश काल मे सरदार भगत सिंह का मुकदमा लड़कर ब्रिटिश सरकार की नींव हिला डाली थी बाद में भारत के राजदूत वी राज्यपाल भी रहे है। यदि हम अंतरराष्ट्रीय शायर (कवि) की बात करें तो उसका श्रेय भी इसी जनपद के स्योहारा कस्बे को ही जाता है जहां अंतरराष्ट्रीय शायर हिलाल स्योहारवी भी जन्म लेकर शायरी की दुनियां में अमर हो गये लिखे अलावा समाज सेवा के लिए भी बिजनौर जनपद दूर दूर तक जाता रहा है जिसमें जनपद का नगर नगीना,नजीबाबाद, अफजलगढ़, शेरकोट सहसपुर आदि कस्बे के नाम शामिल हैं।