मेरठ। बाल मजदूरी एक सामाजिक बुराई के साथ ही साथ कानूनी रूप से भी अपराध है। देश को बाल श्रम से मुक्त करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा वर्ष 2016 में बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के प्राविधानों में व्यापक परिवर्तन करते हुए बाल श्रम के विरूद्ध कठोर प्राविधान किये गये है। संशोधन के उपरान्त भारत सरकार द्वारा 14 वर्ष से अधिक एवं 18 वर्ष की आयु से कम आयु वर्ग के किशोर श्रमिकों को भी उक्त अधिनियम में सम्मिलित करते हुए बाल एवं किशोर श्रमअधिनियम, 1986 यथासंशोधित-2016 प्रवर्तित किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अधिनियम के प्राविधानों का कडाई से पालन कराते हुए प्रदेश को 05 वर्षो के अन्दर बाल श्रम मुक्त कराया जाना सरकार की प्राथमिकताओं मंे सम्मिलित किया गया है। प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुपालन में बाल श्रम के उन्मूलन हेतु जनपद में जिलाधिकारी मेरठ एवं उप श्रमायुक्त, मेरठ के कुशल नेतृत्व में नियमित रूप से अधिनियम के अन्तर्गत घोषित निरीक्षकों द्वारा ए0एच0टी0यू0 के सहायोग से प्रभावी कार्यवाही की जा रहीं है। बाल श्रम के विरूद्ध जागरूकता उत्पन्न करने के उद्देश्य से 12 जून, 2025 को ‘‘विश्व बाल श्रम निषेध दिवस’’ के अवसर पर जिलाधिकारी मेरठ द्वारा 04 निरीक्षकों की 04 टीमों का गठन किया गया। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जनपद में 12 जून से 17 जून के मध्य ‘‘बाल श्रम निषेद्ध सप्ताह’’ मनाया जायेगा उक्त सप्ताह के अन्तर्गत जनपद में बाल श्रम को रोकने हेतु जन जागरण, गाष्ठियॉ, कार्यशालाए, हस्ताक्षर अभियान, इत्यादि की कार्यवाही सम्पादित की जायेगी। उक्त के दृष्टिगत जनपद के समस्त उद्यमियों से यह भी अपील की जाती है कि वह बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम, 1986 यथासंशोधित-2016 के प्राविधानों का पालन करे, जिससे जनपद को बाल श्रम से मुक्ति मिल सकेगी तथा व्यवसायियों को भी निरीक्षकों के निरीक्षण से राहत प्राप्त होगी। भारत सरकार द्वारा संचालित एक्सग्रेसिया योजना के अन्तर्गत जिलाधिकारी मेरठ एवं राजीव कुमार सिंह, उप श्रमायुक्त, मेरठ के कुशल नेतृत्व में लाभान्वित किये जाने की कार्यवाही की जा रहीं है।
