लखनऊ एजेंसी। यूपी में मानसून मेहरबान है। झांसी में बेतवा नदी का अचानक जलस्तर बढ़ गया। इसमें घाट किनारे बालू लोड कर रहा डंपर डूब गया। चालक को जैसे ही डंपर डूबने की भनक लगी, वह पानी में कूद गया और तैरकर बाहर निकल आया। चालक ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने डंपर को दूसरे ट्रकों से खींचवाने का प्रयास किया, लेकिन डंपर नहीं निकला।
इधर, शामली और बिजनौर में जमकर बारिश हुई। शामली में इतनी बारिश हुई कि सड़कें तालाब बन गईं। बिजनौर में सड़कों पर एक फीट तक पानी भर गया है। गलियों में नदियों जैसा बहाव है। सोनभद्र में बारिश के पानी में एक टैंकर फंस गया। घंटों की मशक्कत के बाद टैंकर को निकाला गया। वाराणसी में गंगा का जलस्तर बुधवार सुबह 8 बजे तक 59.30 मीटर पर पहुंच गया। सेंट्रल वॉटर कमीशन की बुलेटिन के मुताबिक, हर घंटे 20 मिलीमीटर की रफ्तार से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश के बाद अमरोहा में भी गंगा नदी उफान पर है। इससे तिगरी गंगा घाट किनारे बनी पुरोहितों की झोपड़ियां डूब गईं। मौसम विभाग ने आज 29 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 30दृ40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। मौसम विभाग का कहना है कि अगले चार दिनों तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा।
मानसून ने प्रदेश के सभी 75 जिलों को कवर कर लिया है। 18 जून को ललितपुर और सोनभद्र के रास्ते मानसून ने उत्तर प्रदेश में एंट्री ली थी। पूरे प्रदेश को कवर करने में 7 दिन लगे। इस बार बारिश ने 54 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 1 जून से अब तक 66.9 मिमी औसत बारिश हो चुकी है, जो सामान्य 53.7 मिमी से 25 प्रतिशत ज्यादा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो इतनी बारिश 1971 में हुई थी। मौसम वैज्ञानिक बोले- उत्तरी-तराई क्षेत्रों में भारी बारिश के आसार: लखनऊ के आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने कहा- बुधवार को यूपी के उत्तरी-तराई क्षेत्रों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। फिलहाल अगले दो से तीन दिनों तक पूरे यूपी में मानसूनी बारिश का सिलसिला बना रहेगा।
उन्होंने बताया पाकिस्तान से आ रही एक टर्फ लाइन जो प्रदेश के बीच से जा रही थी, उससे अच्छी बारिश हो रही थी। संभावना जताई जा रही थी कि मानसून आने के बाद का पहला स्पेल ऐसे जारी रहेगा। अचानक मौसमी गतिविधियां प्रभावित हो गईं। टर्फ लाइन अपने स्थान से ऊपर की ओर चली गई।
