प्रयागराज एजंसी। महाशिवरात्रि के अंतिम स्नान पर्व पर दो करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के संगम में डुबकी लगाने का अनुमान है। इस शिव पर्व पर गंगा युमना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम में आस्था की डुबकी लगाने का बहुत शुभ और पवित्र माना गया है। मान्यता है कि इस पर्व का संगम स्नान मोक्षदायी होता है और मनुष्यों के समस्त पापों को नष्ट कर अक्षत पुण्य प्रदान करता है। श्रद्धालुओं की लगातार भारी भीड़ उमड़ रही है। मंगलवार को ही देर शाम तक 1.24 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर चुके थे। इस तरह महाकुंभ में 44 वें दिन तक श्रद्धालुओं की आमद की तादाद 64 .60 करोड़ पहुंच गयी। अंतिम स्नान पर्व महाशिवरात्रि पर सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किये गये हैं। सुरक्षा तंत्र से जुड़े आला अधिकारी हरकत में हैं। पूरे मेला क्षेत्र को मंगलवार शाम से ‘नो व्हीकल जोन’ घोषित किया गया है। मेले में प्रशासनिक और चिकित्सीय वाहनों को छोड़ अन्य सभी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। मंगलवार को आस्थावानों की भीड़ हर ओर नजर आ रही है। आस्था का एक बार फिर ज्वार उमड़ा है। इनमें लाखों श्रद्धालु ऐसे हैं जो मंगलवार को संगम में स्नान कर मेले में रुकेंगे और बुधवार को महाशिवरात्रि पर विशेष स्नान करने के बाद अपने ठौर की ओर रुख करेंगे। बेतहाशा भीड़ को देख हालात ऐसे बने कि आला अफसरानों को संगम सहित कई स्नान घाटों और प्रेशर प्वाइंटों पर क्राउड़ कंट्रोल के लिए स्पेशल प्लान लागू करना पड़ा। विभन्न प्रदेशों से आने वाली ट्रेनों और बसों के जरिये श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला बना हुआ है। रेलवे स्टेशनों पर को संभालने में करारी मशक्कत करनी पड़ रही है। स्टेशनों से निकलते ही श्रद्धालुओं का रेले का रुख सीधे इस महामेले की ओर हो जा रहा है। ऐसा लग रहा है कि किसी का न तो खाने की चिंता और न ही सोने की फिक्र। कठिन यात्रा के बाद प्रयागराज पहुंचे आम श्रद्धालुओं को महाकुंभ मेले तक पहुंचने में कई कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ाॉ लेकिन थकावट की जगह मां गंगा का आंचल मिलते ही उनके चेहरे पर ताजगी आ जा रही थी। सिर्फ सनातन धर्मियों में ही नहीं विदेशी संस्कृति एवं सभ्यता में पले बढ़े विदेशी भी यहां जुदा रंग और खासे उमंग में नजर आ रहे हैं। ब्राजील के एक विदेशी मेहमान ने कहा इंडिया इज ग्रेटेस्ट कन्ट्री। कल्चर इज वेरी रिच.। महाकुंभ पहुंच यहां की आध्यात्मिक आभा देख वे चकित सा हो रहे हैं। बिहार के गया निवासी देवनाथ बोले ‘महाकुंभ में शामिल होने का संकल्प पहले से ले रखा था कई अड़चनें आयीं लेकिन गंगा मैया के आशीर्वाद से हर बाधाओं से पार पाकर परिवार सहित आ गया बेजोड़ व्यवस्था है और मेला वाकई बहुत दिव्य और भव्य है.। महाकुंभ में श्रद्धालुओं ने जो महारिकार्ड़ बनाया है। उसी का नतीजा है कि सनातन संस्कृति का परचम पूरी दुनिया में लहरा रहा है। महाकुंभ मेले में डिघ्जिटल कैमरों के जरिये श्रद्धालुओं की गिनती हो रही है। इस तरीके को सरल और काफी हद तक सटीक माना जा रहा है। मेला और मेले के बाहर शहर में कुल 2700 अत्याधुनिक कैमरे लगे हैं। इनमें से 1800 कैमरे अकेले मेला क्षेत्र में हैं। 1100 परमानेंट और 700 टेंपरेरी कैमरे हैं। इनमें से 270 कैमरे आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस यानी आफिसियल इंटेलिजेंस (एआई) से लैस हैं। ऐसे कैमरे स्टेशनों के अलावा मेले के इंट्री प्वाइंटों के साथ संगम क्षेत्र और अन्य प्रमुख स्थानों पर विशेष तौर पर लगाये गये हैं। एआई बेस्ड़ कैमरे मिनट दर मिनट आंकड़े अपडेट करते हैं। इससे क्राउड़ मैनेजमेंट में सुभीता हो रहा हैॉ साथ ही ये सुरक्षा प्रबंध में भी खासा रोल निभा रहे हैं।
