मवाना संवाददाता। नगर में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती, लो-वोल्टेज, बार-बार फॉल्ट और ट्रांसफार्मर ओवरलोडिंग से त्रस्त व्यापारियों का सब्र मंगलवार को टूट गया। नगर के चार प्रमुख व्यापार मंडलों के पदाधिकारी संरक्षक शैवाल दुबलिश के नेतृत्व में अधिशासी अभियंता सतीश चंद्र से मिले और बिजली व्यवस्था को लेकर कड़ी नाराजगी जाहिर की। व्यापारियों ने बताया कि मवाना में मात्र 12 से 14 घंटे ही बिजली आपूर्ति हो रही है, जबकि 24 घंटे बिजली देने का दावा किया जा रहा है। गर्मी से महिलाएं-बच्चे बेहाल हैं और व्यापारिक गतिविधियां ठप पड़ी हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई कॉलोनियों में नए ट्रांसफार्मर लगाए जाने के बावजूद उन्हें चालू नहीं किया गया, जिससे पुराने ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो रहे हैं। व्यापारियों ने सवाल उठाया कि जब उपभोक्ता का मीटर ओवरलोड होने पर विभाग पेनल्टी वसूलता है, तो विभाग खुद कम वोल्टेज और बार-बार कटौती के लिए जिम्मेदार क्यों नहीं ठहराया जाता? मौके पर एसडीओ भानु प्रताप कुशवाहा और मीटर विभाग की एई मोनिका त्यागी को भी बुलाया गया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि पेड़ों की कटिंग, पुराने खंभों को बदलने और नई लाइन डालने के प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। स्मार्ट मीटर और पीडी कनेक्शन से जुड़ा कार्य एक माह में पूरा करने का आश्वासन भी दिया गया। इस दौरान शैवाल दुबलिश ने कहा कि केवल प्रस्ताव भेजना पर्याप्त नहीं है, उन्हें स्वीकृति तक पहुंचाना भी विभाग की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि रात के समय फॉल्ट होने पर कोई अधिकारी मौजूद नहीं रहता और शिकायतें करने पर भी कोई जवाब नहीं मिलता। अंत में व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आगामी बुधवार को अधिशासी अभियंता कार्यालय पर संयुक्त धरना दिया जाएगा।
इस मौके पर शैवाल दुबलिश, नदीम, मांगेराम मित्तल, अंकित जैन, राजबीर सिंह, मोहित दुबलिश, सुधीर शर्मा, इंद्रजीत जैन, डॉ. संजीव गुप्ता, डॉ. अभिषेक जैन सहित कई व्यापारी उपस्थित रहे।
