मेरठ हीरा टाइम्स ब्यूरो। उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति परिषदीय शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन मेरठ के बैनर तले एक ज्ञापन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम जिलाधिकारी को सौपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि प्रस्तावित प्राथमिक और उच्च विघालयों का एकीकरण को रोका जाएं। एकीकरण करने से ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालय की दूरी बढ़ेगी।
जिसे बालिकाओ, दिव्यंग और छोटे बच्चों को विद्यालय आने जाने में बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। शासन द्वारा चलाए जा रहे सर्व शिक्षा अभियान एवं समग्र शिक्षा अभियान के उद्देश्य अधूरे रह जाएंगे। इससे निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा, शिक्षा का व्यवसायीकरण एवं बाजारीकरण होना प्रारंभ हो सकता है जिसके कारण निर्धन बच्चे की पहुंच से शिक्षा महंगी और काफी दूर साबित होगी। भारतीय संविधान की मूल अवधारणा है कि, सरकार की भावना राष्ट्र एवं राज्य के प्रति जन कल्याणकारी होनी चाहिए परंतु विद्यालय मार्जिनध्बंद करने का निर्णय इस अवधारणा के विपरीत है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा पूर्व में बच्चों के घर से विद्यालय की दूरी और विद्यालयों की उपलब्धता का जो निर्णय पूर्व में लिया गया वर्तमान में शासन के इस निर्णय से विद्यालयों की उपलब्धता कम हो जाएगी, बच्चों को सुदूर स्थित विद्यालयों में जाने पड़ेंगे, जिससे जमीनी स्तर पर शिक्षा के प्रति बच्चों और अभिभावकों का रुझान खत्म हो जाएगा जो परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति के लिए बाधक सिद्ध होगा। प्रधानाध्यापक के पद समाप्त होंगे, जिससे उनकी कार्य क्षमता प्रभावशीलता एवं निर्णय क्षमता प्रभावित होगी। वर्तमान में कार्यरत सहायक अध्यापकों के भविष्य में पदोन्नति के अवसर समाप्त हो जाएंगे जिससे उनके कार्य प्रणाली एवं मानसिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इस दौरान भारत वीर (प्रांतीय महामंत्री), रामजीवन लाल (संरक्षक), सूरजमल (जिला अध्यक्ष), मनोज कुमार (जिला महामंत्री) नरेंद्र कुमार (जिला मंत्री) बृजपाल सिंह, संजीव कुमार (जिला मंत्री )मदन कुमार (जिला मंत्री ) यतेंद्र प्रताप सिंह( जिला कोषाध्यक्ष), अश्विनी कुमार(जिला मीडिया प्रभारी), माला सिंह,कवर सिंह ,निशांत कैन, चंद्र वैद्य, जगमोहन, मनोज कुमार, त्रिलोकचंद, अमित गौतम सतवीर सिंह, नागेंद्र कुमार, रतन पाल सिंह, अशोक कुमार तिलोकचंद, प्रमोद कुमार ,सुधीर कुमार ,माला सिंह, पूनम गौतम, प्रीति भान, लक्ष्मण सिंह, प्रताप सिंह, लेखराज सिंह, सुबोध कुमार, बृजमोहन रहे।
