मेरठ हीरा टाइम्स ब्यूरो। अन्तर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस“ के अवसर पर कार्यालय उप श्रमायुक्त, मेरठ क्षेत्र में बाल श्रम उन्मूलन विषय पर जागरूकता एवं विचार गोष्ठी का आयोजन श्रम विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कैलाश सत्यार्थी मिशन, चाईल्ड लाईन, सारथी सोशल वेलफेयर के संयुक्त तत्वाधान में किया। गोष्ठी में बाल श्रम उन्मूलन हेतु कार्य करने वाली स्वयं सेवी संस्थाओ, श्रम विभाग के अधिकारियों, श्रमिक संगठन के पदाधिकारी, विद्वान अधिवक्ताओ, औद्योगिक प्रतिष्ठान के सेवायोजको द्वारा प्रतिभाग किया गया तथा जनपद में बाल श्रम के प्रतिषेध एवं उन्मूलन हेतु अपने-अपने विचार रखे गये।
गोष्ठी में श्रम विभाग के अधिकारी, श्री अवधेश कुमार वर्मा सहायक श्रमायुक्त मेरठ एवं श्रम प्रवर्तन अधिकारी मेरठ, स्वयं सेवी संस्थाओं की ओर श्रीमती अनीता राणा प्रेसीडेन्ट जनहित फाण्डेशन, अजय कुमार समन्वयक, चाईल्ड हेल्प लाईन, कल्पना पाण्डेय, सारथी सोशल वैल्फेयर, वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश कुमार वर्मा, तेजेन्द्र कुमार, नवीन कुमार, कामरेड रणजीत वर्मा आदि द्वारा बाल श्रम के उन्मूलन के विषय में जनपद की वर्तमान परिस्थितियों एवं श्रम विभाग द्वारा की जा रहीं कार्यवाही के आलोक में अपने विचार रखे गये। अवधेश कुमार वर्मा, सहायक श्रमायुक्त, मेरठ द्वारा वर्ष 2024-25 में श्रम विभाग द्वारा की गई कार्यवाही के विषय में अवगत कराया गया कि वर्ष 2024-25 में जनपद मेरठ में कुल 350 प्रतिष्ठानों का निरीक्षकों द्वारा निरीक्षण किया गया। जिसमें कुल 438 बाल एवं किशोर श्रमिकों को चिन्हित किया गया। साथ ही बाल श्रम कराने वाले नियोक्ताओं से धनराशि 1,20,000 रूपये की वसूली प्रतिकर के रूप में वसूली की गई साथ ही 369 के विरूद्ध मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी मेरठ के समक्ष अभियोजन भी दायर किये गये। वर्तमान में जिलाधिकारी मेरठ द्वारा 04 निरीक्षकों की 04 टीमों का गठन करते हुए दिनांक 12 जून 2025 से 26 जून 2025 की अवधि में जनपद में बाल श्रमिकों के चिन्हांकन, अवमुक्ति एवं पुनर्वासन हेतु अभियान संचालित किया गया है। उक्त अभियान के दौरान बाल श्रम से पीडित बाल श्रमिकों अवमुक्त कराया जायेगा साथ ही दोषी नियोक्ताओं के विरूद्ध अधिनियम के अन्तर्गत दण्डात्मक कार्यवाही भी की जायेगी।
