
नई दिल्ली एजेंसी। मुगल बादशाह औरंगजेब की तारीफ कर सपा विधायक अबू आजमी घिर चुके हैं। उन्हें महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र से सस्पेंड कर दिया गया है। उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई। ब्ड योगी आदित्यनाथ ने कहा- श्न्च् बुलाइए, इलाज कर देंगे। आजमी का कहना है कि मेरे शब्दों को तोड़-मरोड़ कर दिखाया गया है। मंदिर तोड़ने के लिए कुख्यात औरंगजेब ने क्या सच में मंदिर बनवाए, क्यों कहा जाता है सबसे क्रूर मुगल बादशाह, औरंगजेब की मराठा शासकों से असली दुश्मनी क्या थी। ऐसे सवालों पर एक नजर अबू आजमी ने औरंगजेब के बारे में ऐसा क्या कहा, जिस पर हंगामा मचा है? जवाब: 3 मार्च को अबू आजमी ने छत्रपति संभाजी महाराज पर बनी फिल्म ‘छावा’ के बारे में कहा था कि इसमें गलत इतिहास दिखाया जा रहा है। आजमी ने कहा, श्औरंगजेब ने कई मंदिर बनवाए हैं। मैं उसे क्रूर शासक नहीं मानता। छत्रपति संभाजी महाराज और औरंगजेब के बीच धार्मिक नहीं, बल्कि सत्ता और संपत्ति के लिए लड़ाई थी। औरंगजेब ने मंदिरों के साथ मस्जिदों को भी नष्ट किया। अगर वह हिंदुओं के खिलाफ होता, तो 34ः हिंदू उसके साथ नहीं होते। बयान सामने आने के बाद 3 मार्च को ही ठाणे के वागले एस्टेट पुलिस स्टेशन में शिवसेना सांसद नरेश गणपत म्हस्के ने आजमी के खिलाफ थ्प्त् दर्ज करवाई। शिकायत में कहा गया कि आजमी ने औरंगजेब के शासन का महिमामंडन किया, जबकि उसके अत्याचारों को कम आंका। विवाद बढ़ता देख 4 मार्च आजमी ने बयान वापस लेते हुए कहाः मेरे शब्दों को तोड़-मरोड़ कर दिखाया गया, लेकिन फिर भी मेरी बात से कोई आहत हुआ है तो मैं अपने शब्द, अपना स्टेटमेंट वापस लेता हूं। मैंने वही कहा है जो इतिहासकारों और लेखकों ने लिखा है। औरंगजेब ने पिता को कैद और भाई को मारकर सत्ता कैसे हथियाई थी?
जवाबः पांचवें मुगल बादशाह शाहजहां के 4 बेटे थे- दारा शिकोह, शाहशुजा, औरंगजेब और मुराद बख्श। शाहजहां हमेशा से चाहते थे कि दारा शिकोह ही उनका उत्तराधिकारी बने। इतिहासकार अवीक चंदा ने अपनी किताब श्दारा शिकोह: द मैन हू वुड बी किंगश् में लिखा है, ‘शाहजहां को दारा इतने प्रिय थे कि वह उन्हें सैन्य अभियानों पर नहीं भेजते थे। वहीं छोटे बेटे औरंगजेब को 16 साल की उम्र में ही सैन्य अभियान के लिए दक्षिण भारत भेज दिया था।’ 1657 में शाहजहां के बीमार पड़ने के बाद मुगल साम्राज्य में उत्तराधिकार की जंग छिड़ गई। दारा को सबसे बड़ी चुनौती मिली छोटे भाई औरंगजेब से। 30 मई 1658 को दारा शिकोह और औरंगजेब के बीच आगरा से 13 किलोमीटर दूर श्सामूगढ़ की जंगश् हुई। इसमें दारा की हार हुई। क्या औरंगजेब ने मंदिरों को तोड़ने के आदेश दिए, इसकी वजह क्या थी? जवाब: 9 अप्रैल 1669 को औरंगजेब ने हिंदुओं के मंदिरों को गिराने का आदेश दिया। ये आदेश औरंगजेब शासन वाले सभी 21 सूबों में लागू हुए। यहां हिंदुओं की धार्मिक प्रथाओं और त्योहारों को मनाने पर भी रोक लगा दी गई। इसका जिक्र उनके दरबार से जुड़े लेखक साकी मुस्तैद खान ने अपनी किताब ‘मआसिर-ए-आलमगीरी’ के चौप्टर 12 में किया है। 1965 में प्रकाशित वाराणसी गजेटियर के पेज नंबर-57 पर भी इस आदेश का जिक्र है। इतिहासकार मानते हैं कि इसी आदेश के बाद सोमनाथ, काशी विश्वनाथ समेत दर्जनों मंदिरों को गिराया गया। ‘मआसिर-ए-आलमगीरी’ किताब के अंग्रेजी अनुवार में चौप्टर 12 की ये तस्वीर है, जिसके पेज नंबर- 51, 52 में औरंगजेब के आदेश का जिक्र है। ‘मआसिर-ए-आलमगीरी’ किताब के अंग्रेजी अनुवार में चौप्टर 12 की ये तस्वीर है, जिसके पेज नंबर- 51, 52 में औरंगजेब के आदेश का जिक्र है। इतिहासकार इरफान हबीब का कहना है कि इसमें कोई दो राय नहीं कि औरंगजेब ने मंदिरों को तोड़ने के आदेश जारी किए थे। उस वक्त के राजा-महाराजा मंदिर और मठ बनवाते थे। ऐसे में जब कोई दूसरा राजा उस साम्राज्य को जीतता था तो वह सबसे पहले उस साम्राज्य के प्रतीक को खत्म करना चाहता था। ये तस्वीर 1870 में मैगजीन कलकत्ता रिव्यू में प्रकाशित हुई थी। इसमें देखा जा सकता है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर की ऊपरी दो मंजिलों को तोड़कर उसके ऊपर मेहराब बना दिया गया था, ताकि औरंगजेब वहां नमाज पढ़ सके। ये तस्वीर 1870 में मैगजीन कलकत्ता रिव्यू में प्रकाशित हुई थी। इसमें देखा जा सकता है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर की ऊपरी दो मंजिलों को तोड़कर उसके ऊपर मेहराब बना दिया गया था, ताकि औरंगजेब वहां नमाज पढ़ सके। औरंगजेब ही नहीं, बल्कि कई दूसरे राजाओं ने भी ऐसा किया। मंदिर गिराने वालों में हिंदू राजा भी थे। मौर्य राजाओं के बाद सत्ता संभालने वाले शुंग वंश के राजा पुष्यमित्र ने दर्जनों बौद्ध मठों को नष्ट किया था। बड़ी संख्या में बौद्ध भिक्षुओं की हत्या भी की थी। सन 642 में पल्लव राजा नरसिंहवर्मन ने चालुक्यों की राजधानी वातापी में भगवान गणेश के मंदिर को लूटा और उसके बाद तोड़ दिया। ये घटनाएं इतिहास की किताबों में दर्ज हैं।
सवाल-4रू क्या जजिया और तलवार के दम पर औरंगजेब ने हिंदुओं को मुस्लिम बनाया? जवाबरू इतिहासकार राम पुनियानी का कहना है कि हिंदुओं पर जजिया टैक्स औरंगजेब ने अपने शासन के शुरुआती 20 साल में नहीं लगाए थे। जब खजाना खाली हो गया तो औरंगजेब ने मौलानाओं के आदेश के बाद इसे लगाने का फैसला लिया। औरंगजेब धर्म बदलने के लिए सिर्फ उसे मजबूर करता था, जो उनके दुश्मन थे। मराठा सम्राट संभाजी महाराज और गुरु तेग बहादुर की हत्या इसके उदाहरण हैं। औरंगजेब के दरबार का दृश्य। श्रछन् में इतिहास के प्रोफेसर नदीम रिजवी के मुताबिक, ‘इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि औरंगजेब सबसे क्रूर मुगल बादशाह था। हालांकि, औरंगजेब ने मजहब के लिए नहीं, बल्कि अपनी ताकत दिखाने और पूरे देश में मुगल साम्राज्य का परचम लहराने के लिए लड़ी। दक्कन पर राज करना भी इसी उद्देश्य में शामिल था। इसीलिए छत्रपति शिवाजी और संभाजी महाराज से उसकी दुश्मनी थी।