
Yogi Adityanath, chief minister of Uttar Pradesh, speaks during a news conference in Lucknow, India, on Friday, March 19, 2021. The ruling Bharatiya Janata Party faces a slew of provincial elections this year and next, including in key Uttar Pradesh state, which sends the largest number of lawmakers to the parliament. Photographer: T. Narayan/Bloomberg via Getty Images
लखनऊ एजेंसी। यूपी बजट सत्र के आखिरी दिन सीएम योगी ने विधान परिषद में जवाब दिया। कहा- ये लोग (सपा) औरंगजेब को अपना आदर्श मान रहे हैं। उसका पिता शाहजहां अपनी जीवनी में लिखता है- खुदा करे कि ऐसा कमबख्त किसी को पैदा न हो। उसने शाहजहां को आगरा के किले में कैद कर रखा था। एक-एक बूंद पानी के लिए तरसाया। जिसका आचरण औरंगजेब जैसा है, वही उस पर गौरव की अनुभूति करेगा। ये लोग भारत की आस्था पर प्रहार करने वाले क्रूर शासक औरंगजेब को अपना आदर्श मानते हैं। कोई मुसलमान भी अपने बेटे का नाम औरंगजेब नहीं रखता। शाहजहां ने अपनी जीवनी में औरंगजेब को कोसते हुए लिखा- तुमसे अच्छे तो ये हिंदू हैं, जो जीते जी अपने मां-बाप की सेवा करते हैं। मरने के बाद भी साल में एक बार तर्पण करते हुए उन्हें पानी अर्पित करते हैं। भारत की आस्था को रौंदने वाले का महिमामंडन करने वाले सदस्य को सपा को बाहर निकाल देना चाहिए। उसे (अबू आजमी) यहां बुलाइए। उत्तर प्रदेश ऐसे लोगों का उपचार करने में देर नहीं करता। वहीं महाराष्ट्र विधानसभा से अबू आजमी के निलंबन पर अखिलेश ने लिखा- निलंबन का आधार यदि विचारधारा से प्रभावित होने लगेगा तो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और परतंत्रता में क्या अंतर रह जाएगा। हमारे विधायक हों या सांसद उनकी बेखौफ दानिशमंदी बेमिसाल है। कुछ लोग अगर सोचते हैं कि ‘निलंबन’ से सच की जुबान पर कोई लगाम लगा सकता है तो फिर ये उनकी नकारात्मक सोच का बचपना है। महाराष्ट्र के सपा विधायक अबू आजमी ने कहा था- हमें गलत इतिहास दिखाया जा रहा है। औरंगजेब ने कई मंदिर बनवाए हैं। मैं उसे क्रूर शासक नहीं मानता। छत्रपति संभाजी महाराज और औरंगजेब के बीच धार्मिक नहीं बल्कि सत्ता और संपत्ति के लिए लड़ाई थी। अगर कोई कहता है कि यह लड़ाई हिंदू और मुसलमान को लेकर थी, तो मैं इस पर विश्वास नहीं करता। दरिद्रता वहां रहेगी, जहां नास्तिकता रहेगी: दरिद्रता वहां रहेगी, जहां नास्तिकता रहेगी। मंदिरों में पैसा तो रहेगा ही। शिक्षक को प्रगतिशील बनना चाहिए। इसके लिए वित्त मंत्री की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई है। एथनॉल उत्पादन में आज यूपी नंबर एक है। सपा के समय धान-गेहूं बिचौलियों से खरीदा जाता था, जबकि हम इसे सीधे किसानों से खरीद रहे हैं। आपकी तुलना में ढाई गुना अधिक गेहूं की खरीद की गई है। राम मनोहर लोहिया ने कहा था कि भारत की एकात्मकता के तीन आधार हैं- भगवान राम, श्रीकृष्ण और भगवान भोलेनाथ। वे प्रखर समाजवादी थे। हमारी विचारधारा से जुड़े नहीं थे, लेकिन वे मुद्दों पर लड़ते थे। लेकिन सपा उनके विचारों से कितनी दूर जा चुकी है। आज राम, कृष्ण और शंकर जी को कोसना उनकी प्रवृत्ति बन गई है। सीएम ने कहा- आज राम, कृष्ण और शंकर जी को कोसना सपाइयों की प्रवृत्ति बन गई है। सीएम ने कहा- आज राम, कृष्ण और शंकर जी को कोसना सपाइयों की प्रवृत्ति बन गई है।
7- महाकुंभ ने एक हिंदू विमर्श भी पैदा किया महाकुंभ ने एक हिंदू विमर्श भी पैदा किया। विज्ञान भी यही कहता है कि बहता हुआ जल स्वयं को पवित्र करता रहता है। हाल ही में राज्यपाल के अभिभाषण में बताया गया कि प्रदूषण बोर्ड द्वारा संगम के जो भी नमूने लिए गए, वे सभी मानकों पर खरे उतरे। हमारी नदी संस्कृति अपनी शुद्धता का स्वयं ध्यान रखती है। आर्थिकी का पक्ष भी महत्वपूर्ण है। भारत के विकास को आस्था से जोड़कर नए-नए अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। 2019 से पहले वाराणसी में कितने श्रद्धालु और पर्यटक आते थे? और आज काशी विश्वनाथ धाम बनने के बाद कितनी संख्या में लोग आ रहे हैं? 45 दिनों तक काशी पूरी तरह से भरी रही। प्रतिदिन 5 से 25 लाख लोग पहुंच रहे थे। काशी के वैभव और भव्यता को देखकर सभी अभिभूत हो रहे थे। काशीवासियों का धैर्य अभिनंदन योग्य है। उन्हें आवागमन में परेशानी हुई, लेकिन उन्होंने सभी को गले लगाया। अयोध्या में भी यही दृश्य था। वहां भी प्रतिदिन 5 से 15 लाख श्रद्धालु पहुंच रहे थे। 8- 100 से अधिक देशों के लोग महाकुंभ में आए 100 से अधिक देशों के लोग महाकुंभ में आए थे। एक नाविक की चर्चा कर रहा हूं। उसके परिवार में 130 नौकाओं का बेड़ा है। 13 जनवरी से 26 फरवरी के बीच में 30 करोड़ कमाए हैं। क्या इससे ज्यादा कोई कमा सकता है। मुझे इस पर विश्वास नहीं हो रहा था। हमारे साथ दोनों डिप्टी सीएम और मंत्रिमंडल के लोग उन नाविकों का सम्मान करने गए थे। महाकुंभ में मुझसे एक परिवार मिलने आया था। परिवार ने बताया कि 10 का हमारा ग्रुप है। नाव वालों ने संगम में स्नान करा दिया। हर ग्रुप से 2000 हजार लेते थे। 2 घंटे के अंदर स्नान कर लिया था। 20 हजार तो वह एक घंटे में कमा रहे थे। महाकुंभ से यूपी की अर्थव्यवस्था में साढ़े तीन लाख की बढ़ोतरी होगी। इसका विजन पीएम मोदी ने पूरे देश को दिया है। 9- डिजिटल लेन-देन में यूपी नंबर-1 ब्रिटेन ने देश पर 200 साल तक शासन किया। उसे पछाड़कर भारत 5वीं अर्थव्यवस्था बन गया है। आपने यूएस की चर्चा नहीं की, जिस इंग्लैंड में आपके नेता निवेश करते हैं। वहां की भी चर्चा कर लें। इन देशों ने कितना कर्जा लिया है। भारत ने इसकी तुलना में कम कर्जा लेता है। आपको इसके बारे में सोचना चाहिए। 2023-24 में देश की जेडीपी 6.5 प्रतिशत से बढ़ा है। यूपी 11 प्रतिशत से अधिक तेजी से ग्रोथ कर रहा है। यूपी ने कोई नया टैक्स नहीं लगाया। महाकुंभ के दौरान जो बाहर के लोग आते थे, उनको यहां डीजल-पेट्रोल सस्ता मिलता था। दूसरे राज्यों में वैट अधिक है। डिजिटल लेन-देन में हम नंबर-1 है। आधे से अधिक लोग न्च्प् से लेन-देन कर रहे हैं। 10- आपने यूपी को अंधेरे में छोड़ा था… बेरोजगारी की दर आपके समय में क्या थी? किसान आत्महत्या करता था, युवा पलायन करता था। कानून व्यवस्था का यह हाल था कि हर दूसरे दिन दंगे होते थे। आप लोग पहले अपने कारनामे तो देखिए। यूपी जल, नभ और थल में बेहतर हुआ है। यूपी के पास 10 लेन का एक्सप्रेसवे है। हमारे पास सबसे अधिक ट्रेनें हैं। हल्दिया से वाराणसी के बीच वॉटरवे कनेक्टिविटी मिल चुकी है। हम एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ने के लिए लिंक एक्सप्रेसवे पर काम कर रहे हैं। आपने यूपी को अंधेरे में छोड़ा था। ट्रांसफर जलने पर महीनों तक नहीं बदला जाता था। हम समान रूप से बिजली दे रहे हैं। अयोध्या को सोलर सिटी के रूप में डेवलप किया जा रहा है। 17 अन्य नगर निगमों को सोलर सिटी के रूप में डेवलप करेंगे। 11- पूरी दुनिया की मीडिया ने महाकुंभ की सराहना
भगवान श्रीकृष्ण ने भगवदगीता में कहा है- मुझे जैसी दृष्टि से जो देखना चाहे, देख सकता है। इस आयोजन की पूरी दुनिया की मीडिया ने सराहना की। 66 करोड़ 30 लाख से अधिक श्रद्धालु आए। इन 45 दिनों में कोई लूट, अपहरण, दुष्कर्म या छेड़छाड़ की घटना नहीं हुई, जिससे कोई शर्मिंदगी महसूस करे। यह सामाजिक अनुशासन नहीं तो और क्या है? एकात्मकता का इससे बड़ा उदाहरण क्या हो सकता है? महाकुंभ में पहुंचे श्रद्धालुओं ने यह संदेश दिया कि दुनिया जान ले कि संपूर्ण हिंदू समाज एकजुट है। जिस गंगा की पवित्रता और अविरलता पर सवाल उठते थे, उसी के संरक्षण के लिए नमामि गंगे परियोजना चलाई गई। उत्तर प्रदेश में मां गंगा बिजनौर से बलिया तक 1000 किमी की यात्रा करती हैं। सबसे क्रिटिकल पॉइंट कानपुर था। वहां सीसामऊ में 125 वर्षों से रोजाना 4 करोड़ लीटर सीवेज गंगा में गिरता था। 2015 में पीएम मोदी ने इसे रोकने का निर्देश दिया था, लेकिन सपा सरकार ने कोई काम नहीं किया। हमने सीसामऊ के सीवर पॉइंट को सेल्फी पॉइंट बना दिया।