
लखनऊ एजेंसी। यूपी में बजट सत्र के दूसरे दिन विधानपरिषद में हंगामा हो गया। बात इतनी बढ़ गई है कि नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव को मार्शल टांगकर बाहर ले गए। हुआ यूं कि विपक्ष महाकुंभ पर चर्चा के लिए और टाइम मांग रहा था, जिसका नेता सदन केशव मौर्य ने विरोध किया। इसके बाद सभापति मानवेंद्र सिंह ने नियमों का हवाला देते हुए टाइम देने से इनकार कर दिया। इसके बाद लाल बिहारी यादव और सपा के अन्य नेता वेल में आकर बैठ गए। इसके बाद सभापति ने केशव मौर्य से कहा- माननीय नेता सदन सारी सीमाएं पार हो रही हैं। जवाब में केशव मौर्य ने कहा- अति हो गई है। इस पर सभापति ने कहा- पीठ को कठोर निर्णय लेना पड़ेगा। आप किस नियम के तहत वेल में बैठे हैं। अगर किसी को सदन से बाहर जाने को कहा गया तो उसे बाहर निकल जाना चाहिए। यह नियम है। इसके बाद सभापति ने मार्शल से कहा- इन्हें उठाकर बाहर करो। इसके बाद मार्शल लाल बिहारी यादव को उठाकर बाहर ले गए। इधर, विधानसभा में सदन की शुरुआत प्रश्नकाल के साथ हुई। सपा विधायक इंजीनियर सचिन यादव ने बिजली के निजीकरण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा- सरकार बिजली विभाग का निजीकरण रोकने पर क्या विचार करेगी? जवाब में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा- बिजली महंगी नहीं होगी। विपक्ष भ्रम फैला रहा है कि बिजली महंगी होगी। किसी की नौकरी और आरक्षण पर असर नहीं पड़ेगा। निजीकरण उपभोक्ताओं के हित में किया जा रहा है। मथुरा विधायक श्रीकांत शर्मा ने ब्रज भाषा में सदन में अपनी बात रखी। उन्होंने स्थानीय बोली में बात रखने की व्यवस्था का स्वागत किया। कहा- अध्यक्ष जी, आपसे लाड़ लड़ाने का मन कर रहा है। वैसे तो हम ब्रज के लोग राधा रानी और ठाकुर जी से ही लाड़ लड़ाते हैं, लेकिन इस व्यवस्था के कारण आज आपसे भी लाड़ लड़ाने का मन हो रहा है। विधान परिषद की कार्रवाई भोजनावकाश के लिए 3रू30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा मोना ने कहा- महाकुंभ सनातन परंपरा का सबसे गौरवशाली कार्यक्रम है। 5000 करोड़ रुपए के बजट से आयोजन हुआ और इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम हुआ, लेकिन त्रुटि कहां हुई? सरकार के पास आंकड़े थे। देश के कोने-कोने से लोग आए थे। जब 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की सूचना थी, तो कमी कहां रह गई? उसका कारण क्या था? मौत के आंकड़े स्पष्ट करें। लोग परिजनों को तलाश रहे हैं। पार्किंग में कई गाड़ियां खड़ी हैं। अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
विधान परिषद में केशव मौर्य ने कहा- हमने बेहतरीन व्यवस्थाएं की हैं। आगे और खर्च करेंगे। 2031 की तैयारी अभी से शुरू कर दी गई है। क्षेत्र का विस्तार किया गया है। हमें गर्व है कि हमने तीर्थयात्रियों पर पुष्प वर्षा की। सेवा और सत्कार हम सबकी जिम्मेदारी है। 26 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व है।