
मेरठ हीरा टाइम्स ब्यूरो। गंगानगर आईआईएमटी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ फार्मास्यूटिकल्स साइंस की छात्रा राजेश्वरी ने एंटी डिप्रेशन कैंडी तैयार की है। इस कैंडी में मौजूद अश्वगंधा व अन्य औषधीय तत्व डिप्रेशन डिप्रेशन और पैनिक अटैक के मरीजों के लिए मददगार साबित होंगे। वहीं लव शर्मा ने सांस संबंधी समस्याओं के लिए गोलियां और पलक ने टिकाऊ प्लास्टिक तैयार की हैं। आवश्यक स्वीकृति प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद एंटी डिप्रेशन कैंडी समेत कई प्रोडक्ट्स को पेटेंट कराने के लिए भेजा जाएगा। आईआईएमटी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ फार्मास्यूटिकल्स साइंस में आईआईसी हर्बल फाउंडेशन के लिए विद्यार्थियों ने कुदरती तत्वों के साथ रोजाना की जरूरत का सामान तैयार किया। इनोवेशन शोकेस एक्जीबिशन ऑफ हर्बल इनोवेशन एंबेसडर फॉर मेंटरशिप सपोर्ट प्रोग्राम में विद्यार्थियों ने सेहत सुधारने वाले हर्बल प्रोडक्ट्स का प्रदर्शन किया। जिंजर बेस कफ सिरप, हेयर सीरम, एंटी सेप्टिक बाम, हर्बल काजल, लोशन, क्रीम, थ्री इन वन स्क्रब, मास्क कम क्लींजर जैसे हर्बल प्रोडक्ट्स तैयार करके प्रदर्शित किए। प्रतियोगिता में राजेश्वरी प्रथम स्थान पर, लव शर्मा दूसरे और पलक और मुस्कान तीसरे स्थान पर रहे। विभाग के प्रधानाचार्य डॉ अनुज कुमार शर्मा ने बताया कि डिप्लोमा के पहले साल के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा से हर्बल उत्पाद तैयार किए हैं। कार्यक्रम संयोजक डॉ मानसी अग्रवाल ने बताया कि 40 से ज्यादा हर्बल फार्म्यूलेशन्स इस एक्जीबिशन में तैयार किए गये हैं। अब विद्यार्थी इन प्रोडक्ट्स को चार्ट्स, फाइल और थ्री डी प्रोजेक्ट्स के साथ अगले प्रोग्राम में प्रदर्शित करेंगे। प्रोफेसर गरिमा गर्ग ने बताया कि डिप्लोमा के छात्रों ने अपनी रचनामत्कता व सृजनात्मकता का परिचय दिया है।