
दिल्ली एजेंसी। दिल्ली के स्ळ विनय कुमार सक्सेना ने मुख्यमंत्री आतिशी से कहा है कि आपको यमुना मैया का श्राप लगा है, इसलिए आपकी पार्टी चुनाव हारी। सूत्रों के मुताबिक स्ळ ने ये बातें 9 फरवरी को तब कहीं थीं, जब आतिशी दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने उनके पास गई थीं। सूत्रों के मुताबिक, एलजी सक्सेना ने आतिशी से कहा कि, उन्होंने उनके बॉस अरविंद केजरीवाल को ‘यमुना के श्राप’ के बारे में चेतावनी दी थी, क्योंकि उन्होंने नदी की सफाई के लिए एक परियोजना को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई थी। स्ळ हाउस के सूत्रों के अनुसार, आतिशी ने स्ळ की टिप्पणी का जवाब नहीं दिया। 2 साल पुराना विवाद: जनवरी, 2023 में यमुना का प्रदूषण कम करने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने एलजी की अध्यक्षता में एक हाई लेवल कमेटी बनाई थी। जैसे ही कमेटी ने अपना काम शुरू किया, केजरीवाल ने अपना समर्थन जताया और सहायता की पेशकश की। हालांकि बाद में केजरीवाल सरकार ने एनजीटी के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। दिल्ली सरकार के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने तर्क दिया कि एक डोमेन एक्सपर्ट को पैनल का नेतृत्व करना चाहिए। कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी। यह रोक 2 साल से अधिक समय से बरकरार है। दिल्ली में बीजेपी के सीएम चेहरे के बारे में पूछे जाने पर बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा, इस पर पार्टी हाईकमान फैसला करेगा। पार्टी की नजर में सभी 48 विधायक बराबर हैं और उनमें से कोई भी सीएम हो सकता है। केजरीवाल 11 फरवरी को पंजाब सीएम और मंत्रियों से मिलेंगे: अरविंद केजरीवाल 11 फरवरी को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, राज्य के कैबिनेट मंत्री और विधायकों से मिलेंगे। बैठक में दिल्ली चुनाव नतीजों और 2027 में होने वाले पंजाब चुनाव की तैयारियों पर चर्चा होगी। इससे पहले रविवार को पंजाब कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने दावा किया था कि पंजाब में 30 से अधिक आप विधायक कांग्रेस से संपर्क में हैं और पाला बदलने की तैयारी में हैं। उन्होंने कहा था- केजरीवाल और पंजाब के सीएम भगवंत मान ने पंजाबियों को मूर्ख बनाने का काम किया है। पार्टी ने अपने वादे पूरे नहीं किए।