
मेरठ हीरा टाइम्स ब्यूरो। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग’ में आयोजित ’बेसिक सांख्यिकी और सामाजिक शोध में कंप्यूटर अनुप्रयोग कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ। तीन दिवसीय इस कार्यशाला के अंतिम दिन शोधार्थियों को ’सांख्यिकीय तकनीकों, डेटा विश्लेषण और उन्नत कंप्यूटर अनुप्रयोगों’ पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। सत्र में ’लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रो. अशोक कुमार’ एवं ’डॉ. रविंद्र शर्मा’ ने विषय-विशेषज्ञ के रूप में अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए। उन्होंने ’सामाजिक अनुसंधान में सांख्यिकी के बढ़ते महत्व, डेटा संरचना, परिकल्पना परीक्षण तथा सांख्यिकीय मॉडलिंग’ पर विस्तार से चर्चा की। शोधार्थियों को एसपीपी और इनोवा जैसी उन्नत तकनीकों से परिचित कराया गया और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर गहन विमर्श हुआ। कार्यशाला के समापन सत्र में ’महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय, आजमगढ़ के पूर्व कुलपति प्रो. प्रदीप कुमार शर्मा’ बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ’आज के दौर में सामाजिक अनुसंधान में डेटा विश्लेषण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है और शोधार्थियों को सांख्यिकीय तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान होना आवश्यक है’। उन्होंने विद्यार्थियों को ’सही शोध पद्धति अपनाने और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने’ की प्रेरणा दी। इस अवसर पर ’समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. आलोक कुमार’ ने कार्यशाला की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ’यह आयोजन शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी रहा और इससे उन्हें अपने शोध कार्यों में नए दृष्टिकोण विकसित करने में सहायता मिलेगी’। ’तीन दिवसीय कार्यशाला का फीडबैक प्रस्तुत करते हुए’ ’डॉ. डी.एन. भट्ट’ ने बताया कि इस कार्यशाला के दौरान ’डेटा संग्रह, सांख्यिकीय सॉफ्टवेयर का उपयोग, परिकल्पना परीक्षण, विविध सांख्यिकीय तकनीकों एवं उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों’ को विस्तार से समझाया गया। उन्होंने कहा कि ’शोधार्थियों ने न केवल सैद्धांतिक ज्ञान अर्जित किया, बल्कि विभिन्न केस स्टडीज और व्यावहारिक सत्रों के माध्यम से शोध कार्यों में इन तकनीकों को लागू करने की समझ भी विकसित की’।
उन्होंने विषय-विशेषज्ञों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में इस तरह की और कार्यशालाओं के आयोजन पर बल दिया। कार्यशाला में समाजशास्त्र विभाग के शिक्षकगण ’डॉ. वाई. पी. सिंह, डॉ. डी.एन. भट्ट, डॉ. अरविंद सिरोही, डॉ. दीपेंद्र, डॉ. नेहा गर्ग’ एवं शोधार्थी ’डॉ. सबा, आकाश राठी, अंशुल शर्मा, गरिमा राठी, रोहित कुमार, सौरभ’ सहित अनेक विद्यार्थी उपस्थित रहे।