
मेरठ हीरा टाइम्स ब्यूरो। मेरठ की दो बेटियों अन्नू रानी और प्रीति पाल को खेल का उत्कृष्ट पुरस्कार अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया है। आज शुक्रवार को देश की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने दोनों खिलाड़ियों को यह पुरस्कार देकर सम्मानित किया है। सम्मान समारोह दिल्ली में आयोजित किया गया है। अन्नू रानी भाला फेंक में राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक हैं और प्रीति पाल पैरा एथलीट हैं जिन्होंने पैरा वर्ल्ड एथलेटिक चौंपियनशिप और पेरिस पैरालंपिक में कांस्य पदक जीता है।
देश की उत्कृष्ट खिलाड़ियों में है अन्नू रानी: एथलेटिक्स में अन्नू रानी देश की सीनियर एथलीट्स में शुमार हैं, जो 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर देश के लिए भाला फेंक स्पर्धा में पदक जीतती आ रही हैं। अन्नू रानी देश की सबसे उत्कृष्ट एथलेटिक्स खिलाड़ियों में से एक है। वो 2023 एशियाई खेलों में गोल्ड, 2022 राष्ट्रमंडल में कांस्य पदक ले चुकी हैं। एथलेटिक्स में उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए अर्जुन अवार्ड से नवाजा गया। मेरठ हीरा टाइम्स ब्यूरो। मेरठ की दो बेटियों अन्नू रानी और प्रीति पाल को खेल का उत्कृष्ट पुरस्कार अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया है। आज शुक्रवार को देश की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने दोनों खिलाड़ियों को यह पुरस्कार देकर सम्मानित किया है। सम्मान समारोह दिल्ली में आयोजित किया गया है। अन्नू रानी भाला फेंक में राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक हैं और प्रीति पाल पैरा एथलीट हैं जिन्होंने पैरा वर्ल्ड एथलेटिक चौंपियनशिप और पेरिस पैरालंपिक में कांस्य पदक जीता है। देश की उत्कृष्ट खिलाड़ियों में है अन्नू रानी: एथलेटिक्स में अन्नू रानी देश की सीनियर एथलीट्स में शुमार हैं, जो 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर देश के लिए भाला फेंक स्पर्धा में पदक जीतती आ रही हैं। अन्नू रानी देश की सबसे उत्कृष्ट एथलेटिक्स खिलाड़ियों में से एक है। वो 2023 एशियाई खेलों में गोल्ड, 2022 राष्ट्रमंडल में कांस्य पदक ले चुकी हैं। एथलेटिक्स में उनकी
उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए अर्जुन अवार्ड से नवाजा गया। पहले जानिए कौन हैं प्रीति पाल प्रीति मेरठ के गांव कसेरू बक्सर की रहने वाली हैं। उनके पिता का नाम अनिल कुमार है जो कि दूध की डेयरी चलाते हैं। प्रीति को बचपन में ही सेरेब्रल पाल्सी का पता चला था। सेरेब्रल पाल्सी एक ऐसी बीमारी है, जिसमें दिमाग और शरीर मांसपेशियों के बीच सही से संवाद नहीं हो पाता है। इलाज के लिए प्रीति दिल्ली आईं। यहीं पर वह जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में कोच गजेंद्र सिंह से मिली और उनके मार्गदर्शन में ट्रेनिंग लेना शुरू किया। इसके बाद देखते ही देखते प्रीति ने पैरा खेलों में अपनी छाप छोड़ी। प्रीति विश्व चौंपियनशिप में मेडल जीतने वाली भारत की पहली महिला पैरा एथलीट हैं। अब पढ़िए अन्नू रानी के बारे में अन्नू रानी का जन्म 28 अगस्त 1992 को मेरठ के गांव बहादुरपुर में हुआ था। उनके पिता अमरपाल एक किसान थे। उनकी प्रतिभा की पहचान उनके भाई उपेंद्र ने की, जिन्होंने एक क्रिकेट खेल के दौरान उनके ऊपरी शरीर की ताकत को देखा।