
मेरठ संवाद सूत्र। इस साल मेरठ विकास की रफ्तार भरने वाला है। कई ऐसे बड़े प्रोजेक्ट पूरे होने वाले हैं जिसके बाद मेरठ की सूरत ही बदल जाएगी। कारोबार के नए आयाम स्थापित होंगे। लोगों को वर्षों से लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी। कई नए औघोगिक गलियारे बनोंगे तो वहीं नई टाउनशिप की नींव रखी जाएगी। ऐसे में इस साल अपने मेरठ के विकास के लिए बहुत कुछ बेहतर लेकर आया है। अप्रैल तक गंगा एक्सप्रेसवे पर दौड़ने लगेंगे वाहन: ंमेरठ से प्रयागराज तक बनने वाले गंगा एक्सप्रेसवे पर तेजी से काम चल रहा है। योगी सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना गंगा एक्सप्रेसवे की लंबाई 594 किमी है। 12 जिलों से होकर गुजरने वाले गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए मेरठ से प्रयागराज की दूरी महज 8 घंटे में पूरी हो सकेगी। मार्च तक गंगा एक्सप्रेसवे तक वाहन दौड़ने की उम्मीद है। गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से शुरु होकर हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, सम्भल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ एवं प्रयागराज पर समाप्त होगा। आउटर रिंग रोड बनने से आएगा बड़ा बदलाव आउटर रिंग रोड बनने के बाद मेरठ की सूरत बदल जाएगी। आउटर रिंग रोड, रुड़की रोड-मवाना रोड-गढ़ रोड-हापुड़ रोड को कनेक्ट करते हुए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पांचवें चरण को टच करेगी। ऐसे में हापुड़-गढ़ की तरफ से मुजफ्फरनगर-रुड़की-बिजनौर जाने वाले लोगों को शहर के भीतर से जाने की जरूरत नहीं होगी। मेरठ पांच नेशनल हाईवे से जुड़ा है। एनएच-235, एनएच-58, एनएच-119, एनएच-709 ए तथा दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे को जोड़ा जा रहा है। गढ़मुक्तेश्वर से मेरठ आने वाले एनएच-709ए पर तेजी से काम चल रहा है। गढ़ रोड पर सिसौली के पास इंटरचेंज बनाया जा रहा है। यहां से मेरठ-हापुड़ एनएच-235 के लिए सड़क तैयार की जा रही है। आउटर रिंग रोड सिसौली से होते हुए हापुड़ रोड पर लोहियानगर के पास मौजूदा डंपिंग ग्राउंड के पास जाकर जुड़ेगी। इसकी लंबाई छह किलोमीटर है। यहीं से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पांचवें चरण का काम तेजी से चल रहा है। आउटर रिंग रोड पूरी होते ही हापुड़, बुलंदशहर, मुरादाबाद, बागपत जाने के लिए शहर के अंदर आने जरूरत नहीं होगी। नरहेड़ा के पास पांचवें फेज का दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का काम चल रहा है। लैंड फिलिंग के तौर पर मिट्टी बिछाई जा रही है। बड़े-बड़े डंफरों से मिट्टी डाल बुलडोजर के जरिए काफी दूर तक जमीन समतल की जा रही है। यहीं से सीधे दिल्ली आ-जा सकेंगे। ऐसे ही गढ़ रोड को मवाना रोड से भी जोड़ा जा रहा है। सिसौली के पास से ही भावनपुर होते हुए सलारपुर तक 12. किमी. सड़क का निर्माण चल रहा है। इसकी लागत 992 करोड़ है। सलारपुर में भी इंटरचेंज प्रस्तावित है, यहां से दौराला के पास से होते हुए एनएच-58 पर जाया जा सकेगा। इसके अप्रैल-मई तक पूरा होने की उम्मीद है।
नमो भारत मार्च तक आएगी शॉपरिक्स तक…मोदीपुरम भी इसी साल टारगेट: दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ तक प्रस्तावित 82 किमी लंबे आरआरटीएस कॉरिडोर के साहिबाबाद से मेरठ साउथ तक नमो भारत ट्रेन का संचालन हो रहा है। साहिबाबाद से आनंद विहार तक भी स्टेशन बनकर तैयार हो गए हैं। मार्च तक नमो भारत शॉपरिक्स मॉल तक आ जाएगी। जिसके बाद मेरठ के लोग शॉपरिक्स मॉल से आनंद विहार तक सफर कर सकेंगे। 2025 में नमो भारत और मेट्रो मोदीपुरम तक चलाने का लक्ष्य है। ऐसे में ये साल मेरठ के लोगों के लिए ट्रांसपोर्ट के मायने में बहुत अहम रहेगा।
मेरठ बागपत रोड लिंक मार्ग मिलने से जाम से मिलेगी राहत: बागपत रोड पर टीपीनगर थाने के सामने से ये लिंक मार्ग रेलवे रोड जैन मंदिर के पास निकलेगा। ऐसे में कैंट जाने के लिए मेट्रो प्लाजा-डीएन कॉलेज चौराहे का चक्कर काटकर नहीं जाना पड़ेगा। 11.5 मीटर चौड़े और 900 मीटर लंबे इस मार्ग के बनने से लोगों को जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
इन कॉलोनियों के लोगों को मिलेगा बड़ा फायदा: दशमेश नगर, कमला नगर, जैन नगर, आनंदपुरी, प्रेमपुरी, मधुबन कालोनी, शंभू नगर, टीपी नगर, संत नगर, ज्वाला नगर, बसंत कुंज, नंदन नगर, रघुकुल विहार, चंद्रलोक, साबुन गोदाम, न्यू चंद्रलोक, उत्तम नगर, महावीर जी नगर, उत्सव हरि, कन्हैया वाटिका, नवल विहार, मुल्तान नगर, किशनपुरा, सुंदरम कालोनी, देव पार्क, ऋषि नगर, उमेश विहार, शांतिनगर, मलियाना, न्यू मेवला, देवश्री हाइट, आनंदा हाइट और उत्सव हाइट, ट्रांसपोर्ट नगर समेत 35 से ज्यादा कालोनियों को सीधा लाभ पहुंचेगा। ये लिंक मार्ग अगले 4 महीने में बनकर तैयार होने की उम्मीद है।