
मेरठ हीरा टाइम्स ब्यूरो। भारत और आइसलैंड के बीच मजबूत रिश्ते कायम हैं। अनेक क्षेत्रों में आइसलैंड और भारत कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रहे हैं। यह कहना है आइसलैंड के राजदूत बेनेडिक्ट होस्कुलडसन का जिन्होंने आईआईएमटी विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत की भरसक प्रशंसा की।
आइसलैंड के राजदूत बेनेडिक्ट होस्कुलडसन का बुधवार को आईआईएमटी विश्वविद्यालय, मेरठ में आगमन हुआ। आईआईएमटी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति योगेश मोहन गुप्ता, प्रति कुलाधिपति डा. मयंक अग्रवाल ने राजदूत महोदय का स्वागत किया। विश्वविद्यालय परिसर का भ्रमण कर राजदूत बेनेडिक्ट होस्कुलडसन ने आईआईएमटी परिसर और शैक्षिक गुणवत्ता की सराहना की। तत्पश्चात आइसलैंड के राजदूत बेनेडिक्ट होस्कुलडसन मुख्य सेमिनार हॉल में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे तो विद्यार्थियों ने गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया। मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर राजदूत महोदय व अतिथियों ने ज्ञान की देवी को नमन किया। विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. वैभव श्रीवास्तव व डा. सुगंधा श्रोतिया ने राजदूत बेनेडिक्ट होस्कुलडसन का स्वागत किया। मंच संचालन कर रहीं एकता शर्मा ने राजदूत महोदय व आइसलैंड का परिचय दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आइसलैंड के राजदूत श्री बेनेडिक्ट होस्कुलडसन ने आईसलैंड के बारे में जानकारियां साझा करते हुए बताया कि 1900 के दौर में आईसलैंड यूरोप के सबसे गरीब देशों में से एक हुआ करता था। मगर देशवासियों के कड़े संघर्ष और लगन से आज आईसलैंड यूरोप के सबसे अमीर देशों में शामिल हो चुका है। इसी नजीर को उन्होंने छात्रों से अपनी निजी जिंदगी में उतारने की सलाह दी। राजदूत बेनेडिक्ट ने आईआईएमटी विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं के सवालों का बेबाकी से जवाब देते हुए उनकी हौसला अफजाई की। अंत में प्रति कुलपति डॉ. वैभव श्रीवास्तव, हर्षित सिन्हा और एडवाइजर टू चांसलर अरकेन्द्र सिंह, आईआईएमटी इंजीनियरिंग कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. धीरेन्द्र कुमार ने राजदूत महोदय का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह प्रदान किया। कार्यक्रम का आयोजन डा. सुगंधा श्रोतिया ने किया। निदेशक प्रशासन डा. संदीप कुमार, बोधिसत्व शील, मीडिया प्रभारी सुनील शर्मा का विशेष योगदान रहा।