
मेरठ। जेल में बंद बदमाश रोहन उर्फ कालू और हिस्ट्रीशीटर शिवम उर्फ गोलू के गिरोहों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। बहसूमा थाने में दोनों गिरोहों के कुल 25 सदस्यों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इससे पहले 11 अक्टूबर को दोनों गिरोहों का पंजीकरण किया जा चुका था।
पुलिस के अनुसार कालू गिरोह में 22 और गोलू गिरोह में 18 बदमाश शामिल हैं। गैंगस्टर की कार्रवाई के बाद अब धारा 14(ए) के तहत अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की जब्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए रजिस्ट्री कार्यालय से संबंधित संपत्तियों का विवरण मांगा गया है। फिलहाल दोनों गिरोहों के सभी सदस्य जेल में बंद हैं।
बताया गया है कि हाल ही में किठौर में बीडीसी सदस्य प्रमोद भड़ाना की हत्या में भी गोलू गिरोह के सदस्य की संलिप्तता सामने आई थी। इसके अलावा दोनों गिरोह जेल चुंगी और बहसूमा क्षेत्र में फायरिंग की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं।
परीक्षितगढ़ के रामनगर निवासी रोहन उर्फ कालू और फलावदा के सकौती निवासी शिवम उर्फ गोलू के बीच लंबे समय से गैंगवार चल रहा है। रोहन पहले से जेल में बंद है, जबकि शिवम उर्फ गोलू ने उत्तराखंड के एक पुराने मामले में जमानत तुड़वाकर जेल जाना स्वीकार किया था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सात मई को गोलू गिरोह के सदस्य रजनीश, अंकित और विनीत को किठौर में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इन पर मवाना में शराब के सेल्समैन से लूट का आरोप था। वहीं 19 अगस्त को रहावती के जंगल में दोनों गिरोहों के बीच करीब 50 राउंड फायरिंग हुई थी, जिसमें गोलू गिरोह के बदमाश बाइक छोड़कर फरार हो गए थे और कालू गिरोह ने उनकी दो बाइकों को आग के हवाले कर दिया था।
एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने बताया कि बहसूमा में दर्ज मुकदमे के आधार पर ही दोनों गिरोहों के 25 सदस्यों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई है। इसका उद्देश्य गिरोहों की अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों को जब्त करना है।
