कोलकाता एजेंसी। लॉ कॉलेज गैंगरेप केस में रविवार को राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य अर्चना मजूमदार ने कॉलेज का दौरा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में कुछ छिपाने की कोशिश की जा रही है। मजूमदार ने कहा कि आयोग के साथ पुलिस पूरी तरह सहयोग नहीं कर रही है। अर्चना मजूमदार ने बताया, श्विक्टिम का परिवार जबर्दस्त दबाव में है। पुलिस को यह तक नहीं पता कि वे इस वक्त कहां है। उन्होंने मुझे अपराध स्थल का वीडियो रिकॉर्ड करने से भी रोक दिया। वहीं, भाजपा ने रविवार शाम को कोलकाता में श्कन्या सुरक्षा यात्राश् निकाली, जो विक्टिम का समर्थन और अपराध का विरोध दर्ज कराने के लिए आयोजित की गई। यह मार्च पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में निकाला गया। कोलकाता की लॉ छात्रा से गैंगरेप मामले में फुटेज से गैंगरेप की पुष्टि हुई है। कॉलेज के सीसीटीवी में 25 जून की दोपहर 3ः30 बजे से रात 10रू50 बजे तक करीब 7 घंटे की फुटेज हैं। एक जांच अधिकारी ने बताया कि पीड़ित छात्रा को गार्ड के कमरे में जबर्दस्ती ले जाने की घटना कैद हुई है। इससे छात्रा की लिखित शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है। वहीं, जिस गार्ड के कमरे में रेप हुआ था, 28 जून को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के बाद उसे अरेस्ट किया गया। मामले में अब तक कुल 4 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इसके अलावा, मामले में 27 जून को गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (ैप्ज्) में मेंबर्स की संख्या 5 से बढ़ाकर 9 कर दी गई। ।ब्च् प्रदीप कुमार घोषाल इसे लीड कर रहे हैं। घटना 25 जून को कॉलेज के ग्राउंड फ्लोर के गार्ड रूम में हुई थी। मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा (31) है। घटना में जैब अहमद (19) और प्रमित मुखर्जी (20) भी शामिल हैं। मनोजीत कॉलेज का पूर्व छात्र है, जबकि जैब और प्रमित कॉलेज के छात्र हैं।
