
नई दिल्ली एजेंसी बजट सत्र के दूसरे फेज के पांचवें दिन मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाकुंभ को लेकर संसद को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में अनेक अमृत निकले हैं। एकता का अमृत इसका पवित्र प्रसाद है। पीएम ने कहा कि महाकुंभ पर सवाल उठाने वालों को जवाब मिला है। देश के कोने-कोने में आध्यात्मिक चेतना उभरी है। महाकुंभ में राष्ट्रीय चेतना के दर्शन हुए और महाकुंभ के उत्साह-उमंग को महसूस किया। देश की सामूहिक चेतना का नतीजा महाकुंभ के दौरान देखने को मिला। युवा पीढ़ी भी पूरे भाव से महाकुंभ से जुड़ी। पीएम मोदी ने मॉरीशस यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि वहां के गंगा तालाब में त्रिवेणी का पवित्र जल डाला। अनेकता में एकता हमारी बहुत बड़ी ताकत है। इसी विशेषता को हम निरंतर समृद्ध करते रहें, ये हमारा दायित्व है। महाकुंभ जैसे आयोजन राष्ट्रीय चेतना, राष्ट्र के नए संकल्पो की तरफ ले जाती है: प्रधानमंत्री बोले- महाकुंभ जैसे आयोजन राष्ट्रीय चेतना, राष्ट्र के नए संकल्पो की तरफ ले जाती है, ये उनकी सिद्धि के लिए प्रेरित करती है। महाकुंभ ने शंकाओं-आशंकाओं को भी जवाब दिया है, जो हमारे सामर्थ्य को लेकर कुछ लोगों के मन में रहती है।
मॉडर्न युवा पीढ़ी महाकुंभ, दूसरे उत्सवों से जुड़े रहे प्रधानमंत्री ने कहा- मॉडर्न युवा पीढ़ी महाकुंभ और दूसरे उत्सवों से जुड़े रहे। आज भारत का युवा परंपरा, आस्था, श्रद्धा को गर्व के साथ अपना रहा है। जब एक समाज की भावनाओं में अपनी विरासत पर गर्व का भाव बढ़ता है तो हम ऐसी ही भव्य प्रेरक तस्वीरें देखते हैं, जो हमने महाकुंभ के दौरान देखी हैं। इससे आपसी भाईचारा और आत्मविश्वास बढ़ता है कि देश के रूप में बड़े लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं। ये भावना आज के भारत की बहुत बड़ी पूंजी है। महाकुंभ से अनेक अमृत निकले हैं। एकता का अमृत इसका पवित्र प्रसाद है। महाकुंभ ऐसा आयोजन रहा, जिसमें देश के हर क्षेत्र से हर कोने से आए लोग एक हो गए। अहम त्याग कर वयं के भाव से मैं नहीं, हम की भावना से प्रयाग राज में जुटे, त्रिवेणी का हिस्सा बने। त्रिवेणी का जल मॉरिशस लेकर गया था पीएम बोले- ये उमंग ये उत्साह सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं था। बीते हफ्ते मैं मॉरिशस में था। त्रिवेणी से महाकुंभ के समय का पावन जल लेकर गया था। जब उस पवित्र जल को मॉरिशस के गंगा तालाब में अर्पित किया गया, जो श्रद्धा-आस्था और उत्सव का महौल देखते ही बनता था। ये दिखाता है कि आज हमारी परंपरा, हमारी संस्कृति और संस्कारों को आत्मसात करने की, उत्सव मनाने की भावना कितनी प्रबल हो रही है। मैं ये भी देख रहा हूं कि पीढ़ी दर पीढ़ी संस्कारों के आगे बढ़ने का क्रम कितनी सहजता से आगे बढ़ रहा है। राम मंदिर प्राणप्रतिष्ठा में देखा था कि कैसे देश अगले 1000 साल के लिए तैयार हो रहा है: मोदी बोले- पिछले वर्ष अयोध्या मे राम मंदिर प्राणप्रतिष्ठा में देखा था कि कैसे देश अगले 1000 साल के लिए तैयार हो रहा है। एक साल बाद महाकुंभ के आयोजन ने ये दिखा दिया है। देश की सामूहिक चेतना, देश का सामर्थ्य बताती है। मानव जीवन और देश के लिए कई ऐसे अवसर आते हैं जो आने वाली पीढ़ियों के लिए उदाहरण बन जाते हैं। हमारे लिए भी ऐसे पल आए हैं, जब देश को झकझोर कर एक कर दिया गया। महाकुंभ से निकला अमृत हमारे संकल्पों की सिद्धि का बहुत बड़ा माध्यम बनेगा हमारे देश के छोटी-बड़ी नदिया हैं, कुछ ऐसी हैं कि जिन पर संकट आ रहा है। कुंभ से हमें दिखा कि नदी उत्सव को विस्तार देना होगा। पीढ़ी को पानी का महत्व पता चलेगा, साफ-सफाई पर बल मिलेगा, नदिंयों की रक्षा होगी। भरोसा है कि महाकुंभ से निकला अमृत हमारे संकल्पों की सिद्धि का बहुत बड़ा माध्यम बनेगा। जब अलग क्षेत्र, अलग भाषा के लोग संगम पर उद्घोष करते हैं तो एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना दिखती है। वहां छोटे-बड़े का भेद नहीे था। ये दिखाता है कि एकता का अद्भुत तत्व हमारे भीतर रचा-बसा है। एकता की यही भावना भारतीयों का सौभाग्य है। विश्व में जो बिखराव की स्थिति है, उस दौर में एकजुटता का विराट प्रदर्शन हमारी ताकत है। ये हमारी विशेषता है, कहते आए हैं, महसूस किया है, इसी के विराट रूप का अनुभव प्रयागराज महाकुंभ में किया है। हमारा दायित्व है कि हम इस भावना को समृद्ध करते रहें। 53 मिनट पहले मॉडर्न युवा पीढ़ी महाकुंभ और दूसरे उत्सवों से जुड़े रहे प्रधानमंत्री ने कहा- मॉडर्न युवा पीढ़ी महाकुंभ और दूसरे उत्सवों से जुड़े रहे। आज भारत का युवा परंपरा, आस्था, श्रद्धा को गर्व के साथ अपना रहा है। जब एक समाज की भावनाओं में अपनी विरासत पर गर्व का भाव बढ़ता है तो हम ऐसी ही भव्य प्रेरक तस्वीरें देखते हैं, जो हमने महाकुंभ के दौरान देखी हैं। इससे आपसी भाईचारा और आत्मविश्वास बढ़ता है कि देश के रूप में बड़े लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं। ये भावना आज के भारत की बहुत बड़ी पूंजी है। महाकुंभ से अनेक अमृत निकले हैं। एकता का अमृत इसका पवित्र प्रसाद है। महाकुंभ ऐसा आयोजन रहा, जिसमें देश के हर क्षेत्र से हर कोने से आए लोग एक हो गए। अहम त्याग कर वयं के भाव से मैं नहीं, हम की भावना से प्रयाग राज में जुटे, त्रिवेणी का हिस्सा बने। 1 घंटे पहले त्रिवेणी का जल मॉरिशस लेकर गया था
च्ड बोले- ये उमंग ये उत्साह सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं था। बीते हफ्ते मैं मॉरिशस में था। त्रिवेणी से महाकुंभ के समय का पावन जल लेकर गया था। जब उस पवित्र जल को मॉरिशस के गंगा तालाब में अर्पित किया गया, जो श्रद्धा-आस्था और उत्सव का महौल देखते ही बनता था। ये दिखाता है कि आज हमारी परंपरा, हमारी संस्कृति और संस्कारों को आत्मसात करने की, उत्सव मनाने की भावना कितनी प्रबल हो रही है। मैं ये भी देख रहा हूं कि पीढ़ी दर पीढ़ी संस्कारों के आगे बढ़ने का क्रम कितनी सहजता से आगे बढ़ रहा है। 12रू17 च्ड 18 मार्च 2025 राम मंदिर प्राणप्रतिष्ठा में देखा था कि कैसे देश अगले 1000 साल के लिए तैयार हो रहा है मोदी बोले- पिछले वर्ष अयोध्या मे राम मंदिर प्राणप्रतिष्ठा में देखा था कि कैसे देश अगले 1000 साल के लिए तैयार हो रहा है। एक साल बाद महाकुंभ के आयोजन ने ये दिखा दिया है। देश की सामूहिक चेतना, देश का सामर्थ्य बताती है। मानव जीवन और देश के लिए कई ऐसे अवसर आते हैं जो आने वाली पीढ़ियों के लिए उदाहरण बन जाते हैं। हमारे लिए भी ऐसे पल आए हैं, जब देश को झकझोर कर एक कर दिया गया। 12रू17 च्ड 18 मार्च 2025 महाकुंभ जैसे आयोजन राष्ट्रीय चेतना, राष्ट्र के नए संकल्पो की तरफ ले जाती है प्रधानमंत्री बोले- महाकुंभ जैसे आयोजन राष्ट्रीय चेतना, राष्ट्र के नए संकल्पो की तरफ ले जाती है, ये उनकी सिद्धि के लिए प्रेरित करती है। महाकुंभ ने शंकाओं-आशंकाओं को भी जवाब दिया है, जो हमारे सामर्थ्य को लेकर कुछ लोगों के मन में रहती है। 12रू08 च्ड 18 मार्च 2025 पिछले चार दिन की कार्यवाही पढ़ें…
17 माचर्रू होली की छुट्टियों के बाद सोमवार को बजट सत्र के दूसरे फेज का चौथा दिन है। राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस (ज्डब्), कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों के 10 सांसदों ने पूरे दिन सदन की कार्यवाही रोककर डुप्लीकेट वोटर आईडी पर चर्चा की मांग की। उपसभापति हरिवंश के इनकार के बाद कांग्रेस और ज्डब् ने राज्यसभा से वॉकआउट कर दिया।