
मेरठ संवाद सूत्र। सीसीएसयू से संबद्ध 6 जिलों मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, हापुड़ और बागपत के एलएलएम कॉलेजों के लिए गाइड लाइन जारी की गई है। एलएलएम के लिए नैक निरीक्षण कराना जरूरी होगा। अगर कोई नियमों का पालन नहीं करेगा तो उसे एलएलएम की संबद्धता नहीं मिलेगी। सीसीएसयू से संबद्ध कॉलेजों में एलएलएम पाठ्यक्रम के संचालन हेतु विश्वविद्यालय कार्यपरिषद द्वारा निर्धारित मानकों-नियमों का पालन किये जाने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन इसके बावजूद बहुत से कॉलेजों ने नियमों का पालन नहीं किया। कार्य परिषद ने इसको लेकर सभी कॉलेजों को निर्देश जारी किए हैं। स्पष्ट किया गया है कि एलएलएम पाठ्यक्रम हेतु प्रत्येक सेक्शन में 20 सीटों का निर्धारण किया गया है। एलएलएम पाठयक्रम में 20 छात्रों के सापेक्ष 4 शिक्षकों की विषयवार नियुक्ति अनिवार्य है। जिन संस्थानों-महाविद्यालयों के पास नैक मूल्यांकन प्रमाण पत्र एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, नई दिल्ली की धारा 02 (एफ) में पंजीकृत होने का प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। इन प्रमाण पत्रों के आभाव में विश्वविद्यालय स्तर से एलएलएम पाठ्यक्रम में अनापत्ति-संबद्धता प्रदान नहीं की जाएगी। जिन संस्थानों-महाविद्यालयों को पूर्व में एलएलएम पाठ्यक्रम की संबद्धता प्रदान की जा चुकी है, उन संस्थानों-महाविद्यालयों को नैक मूल्यांकन के प्रमाण पत्र के आभाव में आगामी शैक्षिक सत्रों में संबद्धता का विस्तारण नहीं किया जाएगा तथा न ही उनकी सीट वृद्धि की जाएगी। इसके अलावा जिन संस्थानों-महाविद्यालयों द्वारा दिनांक 30 अप्रैल 2025 तक नैक मूल्यांकन (न्यूनतम ठ़) का प्रमाण पत्र विश्वविद्यालय को उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो उन संस्थानों-महाविद्यालयों को एलएलएम पाठ्यक्रम में आगामी शैक्षिक सत्र 2025-2026 में छात्रों के प्रवेश प्रदान नहीं किये जाएगे।
इसके अलावा एलएलएम पाठ्यक्रम में यदि किसी महाविद्यालय को स्थायी संबद्धता प्राप्त है तथा उनके मानक पूर्ण नहीं है, ऐसे महाविद्यालय 20 मार्च 2025 तक अनिवार्य रूप से एलएलएम पाठ्यक्रम हेतु निर्धारित मानक पूर्ण कर लें। ऐसा नहीं करने पर कॉलेजों को संबद्धता नहीं मिलेगी।