
मेरठ। पश्चिम उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग को लेकर केंद्रीय संघर्ष समिति ने 17 दिसंबर को पश्चिमी यूपी में पूर्ण बंद का ऐलान किया है। मेरठ में इस बंद को व्यापक समर्थन मिल रहा है। सपा, बसपा, कांग्रेस सहित सभी प्रमुख विपक्षी दलों, विभिन्न व्यापारी संगठनों और सामाजिक संगठनों ने बंद के समर्थन की घोषणा की है।
शुक्रवार को सपा और बसपा के जिलाध्यक्ष अपने-अपने पदाधिकारियों के साथ मेरठ बार कार्यालय पहुंचे और आंदोलन को समर्थन दिया। वहीं युवा ब्राह्मण समाज, पंजाबी व्यापारी समाज, वाल्मीकि समाज सहित कई संगठनों ने भी समर्थन पत्र सौंपे। शारदा रोड, किला रोड सहित कई प्रमुख बाजारों के व्यापार संघों ने 17 दिसंबर को बाजार बंद रखने का निर्णय लिया है।
शाम को जिलाधिकारी डॉ. वी. के. सिंह और एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा के साथ केंद्रीय संघर्ष समिति के पदाधिकारियों की बैठक हुई। समिति के चेयरमैन संजय शर्मा और संयोजक राजेंद्र सिंह राणा ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। प्रशासन की ओर से आवश्यक वस्तुओं जैसे दूध, ब्रेड, अखबार और सब्जियों की आपूर्ति बाधित न करने की अपील की गई।
राजनीतिक समर्थन की बात करें तो सपा जिलाध्यक्ष कर्मवीर सिंह गूमी और बसपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुभाष प्रधान ने पार्टी स्तर पर समर्थन की पुष्टि की। बसपा जिलाध्यक्ष ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष मायावती की अनुमति से समर्थन दिया गया है। वहीं कांग्रेस महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा ने फोन पर समर्थन जताया।
व्यापारिक और सामाजिक संगठनों में भारतीय वाल्मीकि आदि धर्म समाज, पंजाबी समाज उत्तर प्रदेश, युवा ब्राह्मण समाज संगठन सहित कई संगठनों ने आंदोलन के पक्ष में समर्थन पत्र सौंपे। शारदा रोड व्यापार संघ, शाहघासा बाजार व्यापार संघ और किला रोड व्यापार संघ ने भी 17 दिसंबर को पूर्ण बंद का ऐलान किया है।
केंद्रीय संघर्ष समिति ने कचहरी परिसर और शहर के विभिन्न इलाकों में प्रचार अभियान चलाया। ई-रिक्शा के माध्यम से लोगों से बंद में सहयोग की अपील की गई। समिति ने बताया कि सरधना और मवाना तहसील में भी बाजार बंद रहेंगे और टैंपो-टैक्सी समेत अन्य यात्री सेवाओं का संचालन नहीं होगा।
संघर्ष समिति का कहना है कि यह बंद पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण होगा, जिसका उद्देश्य पश्चिमी उत्तर प्रदेश को न्यायिक सुविधा दिलाने की मांग को मजबूती से उठाना है।
