बांग्लादेश में एक बार फिर हालात बेकाबू हो गए हैं। राजधानी ढाका में देर रात उग्र भीड़ ने जमकर हिंसा और आगजनी की। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए कई इमारतों और वाहनों को निशाना बनाया। इस दौरान एक प्रमुख अखबार के दफ्तर में आग लगाए जाने से वहां मौजूद पत्रकारों की जान खतरे में पड़ गई। करीब 30 मीडियाकर्मी कई घंटों तक इमारत के भीतर फंसे रहे, जिन्हें बाद में कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया।
जानकारी के अनुसार, इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद भड़के आक्रोश ने हिंसक रूप ले लिया। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और ढाका के विभिन्न इलाकों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। कावरान बाजार क्षेत्र में स्थित ‘द डेली स्टार’ अखबार के कार्यालय पर भी भीड़ ने हमला कर दिया। उपद्रवियों ने पहले दफ्तर में जमकर तोड़फोड़ की और फिर आग लगा दी, जिससे अंदर काम कर रहे कर्मचारी फंस गए।
समाचार एजेंसी एएनआई और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इससे पहले भी बंगाली दैनिक ‘प्रोथोम आलो’ के कार्यालय को निशाना बनाया गया। बताया गया कि रात करीब 12 बजे हमलावरों ने इमारत में आग लगा दी, जो तेजी से ग्राउंड और पहली मंजिल तक फैल गई। घना धुआं फैलने से अंदर मौजूद लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। हालात इतने गंभीर थे कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी मौके पर समय पर नहीं पहुंच सकीं, क्योंकि बाहर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जमा थे।
इमारत में फंसी एक महिला रिपोर्टर ने फोन पर बताया कि धुएं के कारण सांस लेना मुश्किल हो रहा है और अंदर की स्थिति बेहद भयावह है। करीब चार घंटे बाद, शुक्रवार तड़के सभी पत्रकारों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।
इस बीच, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने देशवासियों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और जांच एजेंसियों को अपने काम पेशेवर ढंग से करने दिया जाना चाहिए। यूनुस ने दोहराया कि सरकार कानून के शासन और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
