PM remarks his view on Union Budget 2026-27 via video conferencing on February 01, 2026.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और अमेरिका के बीच हुए नए व्यापार समझौते के बाद आत्मविश्वास को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि नागरिकों का भरोसा और संकल्प ही विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करेगा। इस ट्रेड डील के तहत अमेरिका भारतीय उत्पादों पर पारस्परिक शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमत हुआ है।
मुख्य बिंदु
- पीएम मोदी ने आत्मविश्वास को हर उपलब्धि की बुनियाद बताया।
- भारत-अमेरिका के बीच अहम व्यापार समझौते पर बनी सहमति।
- अमेरिकी टैरिफ 25% से घटकर 18% किए जाएंगे।
- प्रधानमंत्री ने संदेश के साथ संस्कृत श्लोक साझा किया।
- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को बताया करीबी मित्र।
- दोनों देशों के बीच समझौता दोस्ती और आपसी सम्मान पर आधारित।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मविश्वास को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा है कि यही विश्वास हर चुनौती को अवसर में बदल सकता है और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा संदेश में यह बात कही।
पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब भारत और अमेरिका के बीच एक अहम व्यापार समझौते पर सहमति बनी है। इस समझौते के तहत अमेरिका भारतीय उत्पादों पर लगने वाले पारस्परिक शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने के लिए तैयार हुआ है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में नागरिकों की क्षमता और आत्मविश्वास पर भरोसा जताते हुए कहा कि यही शक्ति भारत को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। उन्होंने एक संस्कृत श्लोक भी साझा किया, जिसका आशय था कि धन और समृद्धि सदाचार, साहस और आत्मविश्वास से बढ़ती है, कौशल से स्थिर रहती है और अनुशासन के साथ सुरक्षित रहकर राष्ट्र की प्रगति में योगदान देती है।
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी एक्स पर पोस्ट कर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की जानकारी दी थी। ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी को अपना करीबी मित्र बताते हुए कहा था कि दोनों देशों के बीच यह समझौता आपसी विश्वास, मित्रता और सम्मान के आधार पर हुआ है।
ट्रंप ने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री मोदी के अनुरोध पर भारत पर लगाए गए पारस्परिक टैरिफ में कटौती का निर्णय लिया गया। शुरुआत में इस पर विदेश मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई थी, लेकिन बाद में प्रधानमंत्री मोदी के पोस्ट के जरिए दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत और समझौते की पुष्टि हो गई।
