मवाना, (प्रवेश नुनीवाल)। गर्मी की तपिश बढ़ते ही मखदुमपुर क्षेत्र में जंगली जानवरों और पक्षियों के सामने पानी का संकट गहरा गया है। मध्य नहर, जो बरसाती पानी पर निर्भर है, इस मौसम में पूरी तरह सूख चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नहर में पानी न होने से जंगली जानवर और पक्षी प्यास से तड़प रहे हैं, और कई बार ये गांव की ओर पानी की तलाश में भटक रहे हैं।ग्रामीणों ने बताया कि मध्य नहर पहले बरसात में जानवरों के लिए पानी का प्रमुख स्रोत थी, लेकिन इस बार सूखे की मार और नहर की अनदेखी ने स्थिति को गंभीर बना दिया। एक स्थानीय निवासी रामू प्रसाद ने कहा, ष्पक्षी आसमान में चक्कर काटते हैं, लेकिन पानी नहीं मिलता। जंगली जानवर भी परेशान हैं। सरकार को कुछ करना चाहिए।ष्स्थानीय लोग चाहते हैं कि नहर में थोड़ा पानी डायवर्ट किया जाए या छोटे जल संग्रहण क्षेत्र बनाए जाएं, ताकि वन्यजीवों की प्यास बुझ सके। इस मुद्दे को लेकर ग्राम पंचायत और सिंचाई विभाग से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठा है। वन विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ष्हमें शिकायत मिली है, हम इस पर विचार कर रहे हैं। पर्यावरण प्रेमी इस समस्या को गंभीर बताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। यदि समय रहते नहर में पानी की व्यवस्था नहीं हुई, तो इस क्षेत्र के वन्यजीवों पर बड़ा खतरा मंडरा सकता है। अब देखना यह है कि स्थानीय प्रशासन इस संकट को कितनी गंभीरता से लेता है।
