बैंकॉक/नोम पेन्ह एजेंसी। थाईलैंड और कंबोडिया के बीच आज सुबह 7ः30 सीमा पर गोलाबारी हुई है। इस गोलीबारी में थाईलैंड के 12 लोगों की मौत हुई है और 14 घायल है। इसके बाद थाईलैंड ने कंबोडिया के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। कंबोडिया के विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि थाई सैनिकों ने सुबह 6ः30 बजे पहले गोली चलाई। जबकि थाईलैंड की सेना ने कहा कि कंबोडिया ने सेना भेजने से पहले एक ड्रोन तैनात किया था, इसके बाद तोप और लंबी दूरी के ठड21 रॉकेटों से गोलीबारी शुरू कर दी थी। यह गोलीबारी थाईलैंड के सुरिन प्रांत और कंबोडिया के प्राचीन प्रसात ता मुएन थॉम मंदिर के पास हुई। हमले को देखते हुए थाईलैंड ने बॉर्डर पर ए-16 लड़ाकू विमान तैनात किया था। इस साल 28 मई को बॉर्डर पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच भिड़ंत हुई थी, जिसमें एक कंबोडियाई सैनिक की मौत हो गई थी। इसके बाद से दोनों देशों के बीच विवाद जारी है। इसी विवाद की वजह से इंडोनेशिया की पीएम पाइतोंग्तार्न शिनवात्रा को भी पद से हटाया गया था।
थाईलैंड ने 40 हजार नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया: थाईलैंड के जिला प्रमुख ने बताया कि हमले के बाद सीमा से लगे 86 गांवों से लगभग 40 हजार थाई नागरिकों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। कंबोडिया की राजधानी नोम पेन्ह स्थित रॉयल थाईलैंड दूतावास ने कहा कि सीमा पर स्थिति बिगड़ती जा रही है और झड़पों के लंबे समय तक जारी रहने की संभावना के कारण, दूतावास ने अपने नागरिकों से जितनी जल्दी हो सके कंबोडिया छोड़ने को कहा है। थाई दूतावास की घोषणा के कुछ ही देर बाद, थाईलैंड की सेना ने कहा कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए उसने सीमा पर एक एफ-16 जेट लड़ाकू विमान तैनात किया है। एक थाई सैन्य अधिकारी ने ठठब् को बताया कि थाईलैंड कंबोडिया के साथ अपनी सभी सीमाएं बंद कर रहा है। इससे पहले 23 जुलाई को थाईलैंड ने कंबोडिया में अपने राजदूत को वापस बुला लिया था।
और कंबोडिया के राजदूत को निकाल दिया था।
