तेहरान/तेल अवीव एजेंसी। इजराइल ने ईरान में अराक हैवी वॉटर रिएक्टर पर हमला कर दिया है। हमले के बाद हुए नुकसान की जानकारी नहीं मिली है। कुछ घंटे पहले ही इजराइली सेना ने अराक और खोंडब शहर के लोगों को इलाका खाली करने की चेतावनी दी थी। अराक में हैवी वाटर रिएक्टर है। यह फैसिलिटी ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम का एक अहम हिस्सा है। इसके साथ ही अराक में बड़े पैमाने पर हथियारों का उत्पादन होता है। ईरान ने जवाब में इजराइल के चार शहरों तेल अवीव, बीर्शेबा, रमत गण और होलोन पर 30 मिसाइलें दागीं। इजराइली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 7 मिसाइलों को इजराइली डिफेंस सिस्टम रोकने में नाकामयाब रहा। इसमें 176 लोग घायल हुए हैं। 6 लोगों की हालत गंभीर है। इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान जानबूझकर इजराइली नागरिकों और अस्पतालों को निशाना बना रहा है। इजराइल इन हमलों का बदला लेगा। ईरान और इजराइल के बीच जंग सातवें दिन में पहुंच गई है। अब तक इजराइल के 24 लोग मारे गए हैं। वहीं, वॉशिंगटन स्थित एक ह्यूमन राइट्स ग्रुप ने दावा किया है कि ईरान में मौत का आंकड़ा अब 639 हो चुका है और 1329 लोग घायल हुए हैं। ईरान ने इजराइल में बीर्शेबा शहर पर मिसाइलें दागीं। इसमें से एक सोरोका हॉस्पिटल पर गिरी, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। ईरान ने इजराइल में बीर्शेबा शहर पर मिसाइलें दागीं। इसमें से एक सोरोका हॉस्पिटल पर गिरी, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। जापान, चीन और इंडोनेशिया अपने लोगों को इजराइल-ईरान से निकालेंगे : जापान रक्षा मंत्री जनरल नकातानी ने कहा कि दो सी-2 परिवहन विमान और 120 सैनिकों को अफ्रीका के जिबूती भेजा जा रहा है, जो लोगो को इजराइल और ईरान से निकालेंगे। ईरान में करीब 280 और इजराइल में 1,000 जापानी नागरिक हैं। चीन के दूतावास ने इजराइल से लोगो को शुक्रवार से बसों के जरिए निकालने की घोषणा की। दूतावास के अनुसार, चीनी नागरिकों को ताबा बॉर्डर क्रॉसिंग के रास्ते मिस्र ले जाया जाएगा। इंडोनेशिया सरकार ने भी ईरान से अपने नागरिकों को निकालने का ऐलान किया है।
ईरान में 386 इंडोनेशियाई और इजराइल में 194 इंडोनेशियाई हैं। उधर ईरान के साथ जारी युद्ध में इजरायल का आयरन डोम और अन्य एयर डिफेंस सिस्टम गंभीर संकट का सामना कर रहा है। वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के अनुसार इजरायल के पास लंबी दूरी के मिसाइलों को रोकने वाले इंटरसेप्टर की संख्या तेजी से घट रही है और मौजूदा स्टॉक 10 से 12 दिन ही चल पाएगा। ?
एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक अगर ईरान ने हमलों की यही रफ्तार बनाए रखी तो इजरायल को तय करना पड़ेगा की किस मिसाइल को रोका जाए और किसे नहीं। यानी अब हर हमले को इंटरसेप्ट करना मुमकिन नहीं होगा। 13 जून को इजरायल द्वारा ऑपरेशन राइजिंग लायन शुरू किए जाने के बाद से ईरानी सेना ने लगभग 400 बैलस्टिक मिसाइलें इजरायल की ओर दागी हैं। जो उसके कुछ अनुमानित 1000 मिसाइलों के जखीरे का एक हिस्सा है। इनमें से कई मिसाइलें भूमिगत ठिकानों में छिपा कर रखी गई हैं।
