मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ स्थित मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय को 10 एकड़ अतिरिक्त भूमि देने की घोषणा की है, जिससे विश्वविद्यालय का कुल क्षेत्रफल 100 एकड़ हो गया है। इस अतिरिक्त भूमि पर नई खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। विश्वविद्यालय की शुरुआत 15 खेलों से होगी और भविष्य में सभी ओलंपिक खेलों को शामिल किया जाएगा। यहां हाई परफार्मेंस सेंटर, आधुनिक खेल इंफ्रास्ट्रक्चर और विश्वस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सरकार ने पहले चरण के लिए 250 करोड़ और दूसरे चरण के लिए 200 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की है।
HIGHLIGHTS
- मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय को मिली 10 एकड़ अतिरिक्त जमीन
- कुल क्षेत्रफल बढ़कर 100 एकड़ हुआ
- 15 खेलों से होगी शुरुआत, सभी ओलंपिक खेल चरणबद्ध रूप से शामिल होंगे
- आठ नए खेलों के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री की मंजूरी
- हाई परफार्मेंस सेंटर में बायोमैकेनिक्स, स्पोर्ट्स साइंस और न्यूट्रिशन की सुविधाएं
- पहले चरण के लिए 250 करोड़, दूसरे चरण के लिए 200 करोड़ से अधिक बजट
- दूसरे शैक्षणिक सत्र की शुरुआत विश्वविद्यालय के अपने परिसर से
- परिसर में चार कॉलेज और 16 विभाग होंगे
- हर जिले में स्टेडियम और हर मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज की योजना
- निजी खेल अकादमियों को भी राज्य सरकार से सहयोग मिलेगा
हीरा टाइम्स संवाददाता, मेरठ। मेरठ स्थित मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय के विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ी घोषणा की है। विश्वविद्यालय को 10 एकड़ अतिरिक्त भूमि आवंटित की जाएगी, जिससे इसका कुल क्षेत्रफल अब 100 एकड़ हो जाएगा। इस अतिरिक्त जमीन पर नई और आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण करने के बाद बताया कि खेल विश्वविद्यालय की शुरुआत 15 खेलों के साथ की जाएगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से सभी ओलंपिक खेलों को इसमें शामिल किया जाएगा। प्रारंभिक चरण में एथलेटिक्स के लिए सिंथेटिक ट्रैक, हॉकी का एस्ट्रोटर्फ, फुटबॉल मैदान, लॉन टेनिस, कुश्ती, भारोत्तोलन, टेबल टेनिस, वुशू, ताइक्वांडो, बैडमिंटन और स्विमिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

इसके अलावा आठ और खेलों के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने स्वीकृति दे दी है। इनमें बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, तीरंदाजी, निशानेबाजी, कबड्डी, घुड़सवारी सहित अन्य खेल शामिल हैं। इन खेलों से जुड़ी अतिरिक्त सुविधाएं नई आवंटित भूमि पर विकसित की जाएंगी।
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय में एक अत्याधुनिक हाई परफार्मेंस सेंटर की स्थापना भी की जाएगी। इस सेंटर में बायोमैकेनिक्स, स्पोर्ट्स फिजियोलॉजी, स्पोर्ट्स साइकोलॉजी, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग, फिजियोथेरेपी व रिहैबिलिटेशन, स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन, पैरा एथलीट परफार्मेंस सेंटर, एथलीट मैनेजमेंट और डाटा कंपाइलेशन जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जानकारी दी कि विश्वविद्यालय के पहले चरण के लिए 250 करोड़ रुपये की धनराशि दी गई है, जबकि दूसरे चरण के लिए 200 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। सरकार का लक्ष्य यहां विश्वस्तरीय खेल शिक्षा और प्रशिक्षण की व्यवस्था विकसित करना है।

विश्वविद्यालय का दूसरा शैक्षणिक सत्र अपने स्थायी परिसर से संचालित किया जाएगा। कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत के अनुसार परिसर में चार कॉलेज और 16 विभाग स्थापित किए जाएंगे। इनमें कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन, कॉलेज ऑफ स्पोर्ट्स साइंसेज, कॉलेज ऑफ स्पोर्ट्स मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी और कॉलेज ऑफ स्पोर्ट्स कोचिंग शामिल होंगे। दूसरे सत्र की शुरुआत कम से कम 50 प्रतिशत क्षमता के साथ करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे अगले वर्षों में बढ़ाकर पूर्ण क्षमता तक पहुंचाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्पोर्ट्स स्टेडियम और जिला स्तर पर स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही खेल विश्वविद्यालय को केंद्र बनाकर प्रत्येक मंडल में एक स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी पहल शुरू हो चुकी है। प्रदेश के सभी खेल शिक्षा संस्थानों को खेल विश्वविद्यालय से संबद्ध किया जाएगा।
इसके अलावा खेलों को बढ़ावा देने के लिए निजी खेल अकादमियों को भी राज्य सरकार की ओर से सहयोग देने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से निकलकर ओलंपिक तक पहुंचने वाले खिलाड़ियों का उल्लेख करते हुए कहा कि निजी प्रयासों से आगे बढ़े खिलाड़ियों को अब संस्थागत सहयोग भी मिलेगा।
