
मुंबई एजेंसी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने डिप्टी ब्ड एकनाथ शिंदे से विवाद की खबरों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि डिप्टी ब्ड एकनाथ शिंदे ने अमित शाह से मेरी कोई शिकायत नहीं की है। शिवसेना उद्धव गुट के सांसद संजय राउत कहानी लिखने में बॉलीवुड के मशहूर लेखक सलीम-जावेद से कंपटीशन कर रहे हैं। फडणवीस सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र से पहले डिप्टी ब्ड शिंदे और अजित पवार के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। उन्होंने कहा- कोई युद्ध नहीं है। जो लोग हम दोनों को जानते हैं, वे जानते होंगे कि जब हम साथ होते हैं तो क्या करते हैं। हमलोग एकजुट होकर काम कर रहे हैं। शिवसेना प्रमुख शिंदे ने कहा कि बस इतना हुआ है कि फडणवीस और मैंने अपनी कुर्सियां घ्घ्बदली हैं। केवल अजित पवार की कुर्सी वही है। इस पर अजित पवार ने शिंदे से मजाकिया लहजे में कहा- अगर आप अपनी कुर्सी नहीं बचा पाए तो मैं क्या कर सकता हूं। इस पर तीनों जोर से हंसने लगे। शिंदे ने मीडिया से कहा- आप जितनी भी मेहनत से संघर्ष का हवाला देकर ब्रेकिंग न्यूज बनाने की कोशिश करें, हमारा गठबंधन टूटने वाला नहीं है। इतनी तेज गर्मी में कोल्ड वार कैसे हो सकता है? सब कुछ ठंडा-ठंडा, कूल-कूल है। इस पर शिंदे के बगल में बैठे फडणवीस मुस्कुराने लगे। मुख्यमंत्री एवं उनके सहयोगियों ने शिवसेना नेता संजय राउत के इस दावे को भी खारिज कर दिया कि शिंदे ने सुबह 4 बजे पुणे में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर फडणवीस के खिलाफ शिकायत की थी। शिंदे ने कहा कि शाह भाजपा के नेतृत्व वाले छक्। के नेता हैं। पवार ने कहा कि यह सुबह 10 बजे की शिष्टाचार मुलाकात थी। फडणवीस ने कहा कि वह भी बैठक में मौजूद थे।
राउत ने रविवार को शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में दावा किया था कि 22 फरवरी को पुणे के कोरेगांव पार्क स्थित एक होटल में बैठक हुई थी। 57 विधायकों के नेता शिंदे को शाह से मिलने के लिए सुबह 4 बजे तक जागना पड़ा। शिंदे ने कहा कि संजय राउत के दिमाग में ‘केमिकल लोचा’ है। शिंदे के मेडिकल सेल बनाने से शुरू हुई अनबन की खबरें महायुति सरकार में अनबन की खबरें तब चर्चा में आईं जब शिंदे ने मुख्यमंत्री रिलीफ फंड के जैसा मेडिकल सेल बना दिया। शिंदे के इस कदम को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए थे। शिंदे ने मंगलवार को कहा कि यह नया सेल किसी कॉम्पिटिशन व्यवस्था के रूप में नहीं बल्कि मुख्यमंत्री के वॉर रूम के साथ मिलकर काम करेगा, ताकि मरीजों को बेहतर सेवाएं मिल सकें। 21 फरवरी को शिंदे ने कहा था कि मुझे हल्के में न लें। जिन्होंने 2022 में मुझे हल्के में लिया, मैंने उनकी सरकार ही बदल दी थी और डबल इंजन की सरकार लेकर आए थे। इसलिए मेरी बात को गंभीरता से लें। विधानसभा में अपने पहले भाषण में मैंने कहा था कि महायुति को 200 से ज्यादा सीटें मिलेंगी और हमें 232 सीटें मिलीं। इसलिए मुझे हल्के में न लें।