
पेरिस एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिनों यात्रा पर गुरुवार तड़के अमेरिका पहुंचे। अमेरिका पहुंचकर च्ड मोदी ने अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर तुलसी गबार्ड से मुलाकात की। अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट ने कल ही तुलसी गबार्ड की ब्प्। और छै। समेत 18 खुफिया एजेंसियों की इंटेलिजेंस डायरेक्टर के रूप में नियुक्ति की पुष्टि की है। पीएम मोदी ने मुलाकात के दौरान तुलसी गबार्ड को उनकी नियुक्ति पर बधाई दी। दोनों नेताओं ने काउंटर टेररिज्म, साइबर सिक्योरिटी और उभरते खतरों को लेकर आपसी बढ़ाने पर बात की। पीएम मोदी अमेरिका पहुंचने से पहले फ्रांस के दौरे पर थे। यहां उन्होंने फ्रेंच राष्ट्रपति के साथ एआई समिट की सह-अध्यक्षता की और कई द्विपक्षीय मुद्दों पर बात की। मोदी आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। इसके अलावा वे कई बिजनेस लीडर्स और भारतीय समुदाय के लोगों से भी मिलेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मोदी का डेलीगेशन कुल 6 बैठकों में शामिल होगा। मोदी की अंतिम बैठक गुरुवार शाम 4 बजे (भारतीय समय के मुताबिक शुक्रवार रात 2ः30 बजे) होगी। इसके बाद मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ डिनर करेंगे। मोदी और ट्रम्प व्हाइट हाउस में मीडिया से भी बातचीत कर सकते हैं। मोदी की अमेरिका यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब शहर बर्फबारी और ओले के कारण ठंड की चपेट में है। वे प्रेसिडेंट गेस्ट हाउस यानी आलीशान ब्लेयर हाउस में रुकेंगे। यह व्हाइट हाउस के ठीक सामने है। इस गेस्ट हाउस में वर्ल्ड लीडर्स ठहरते हैं। ट्रम्प के दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद यह किसी भी विदेशी राष्ट्रप्रमुख से चौथी मुलाकात है। इससे पहले वो इजराइल के प्रधानमंत्री, जापान के प्रधानमंत्री और जॉर्डन के किंग से मुलाकात कर चुके हैं। टैरिफ और अवैध अप्रवासियों पर हो सकती है बातचीत डोनाल्ड ट्रम्प दोबारा सत्ता में आने के बाद कनाडा, मेक्सिको और चीन पर टैरिफ लगाने का ऐलान कर चुके हैं। हालांकि, उन्होंने बाद में कनाडा और मेक्सिको को टैरिफ में 30 दिन के लिए राहत दे दी। ट्रम्प कई बार भारत के हाई टैरिफ रेट की आलोचना कर चुके हैं। हालांकि, अभी तक उन्होंने भारत पर किसी भी तरह का टैरिफ नहीं लगाया है। ऐसा माना जा रहा है कि मोदी और ट्रम्प की टैरिफ को लेकर बातचीत हो सकती है। इसके अलावा मोदी और ट्रम्प की अवैध भारतीय अप्रवासियों के मुद्दे पर भी बातचीत हो सकती है। प्यू रिसर्च के मुताबिक, अमेरिका में 7 लाख 25 हजार से ज्यादा अवैध अप्रवासी भारतीय रहते हैं। इमिग्रेशन एंड कस्टम एनफोर्समेंट (प्ब्म्) ने नवंबर 2024 में बताया था कि अब तक बिना वैध दस्तावेज वाले 20 हजार 407 भारतीयों को चिह्नित किया गया है।