मेरठ हीरा टाइम्स ब्यूरो। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ कुलपति कार्यालय भूतल स्थित कमेटी हॉल में बुधवार को कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में विद्वत परिषद की एक बैठक आयोजित की गई जिसमें निम्नलिखित निर्णय लिए गए। परिसर में संचालित सभी यूजी (ऑनर्स) पाठ्यक्रमों के लिए स्वयं पाठ्यक्रम अनिवार्य होंगे। और छात्रों को कम से कम एक पेपर लेना आवश्यक होगा। यदि कोई छात्र विभाग द्वारा निर्धारित अनिवार्य पाठ्यक्रम के अतिरिक्त अंतर-विषयक पाठ्यक्रम लेना चाहता है, तो उसे ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इस स्थिति में, छात्र को छज्। औरध्या नैपटिल द्वारा नामित केंद्रों पर अंतिम सेमेस्टर परीक्षा में शामिल होना होगा, और सफलतापूर्वक पूरा करने पर स्वयं से प्रमाण पत्र प्राप्त होगा। समिति ने निर्णय लिया कि यूजी ऑनर्स कार्यक्रम के लिए वैल्यू एडिशन कोर्स (2 क्रेडिट) केवल द्वितीय सेमेस्टर मे पोर्टल के माध्यम से अनुमति दी जाएगी। अन्य सेमेस्टरों के लिए, वीएसी पाठ्यक्रम विभाग में भौतिक रूप से संचालित किए जाएंगे। यदि द्वितीय सेमेस्टर में संबंधित विषय का कोई उपयुक्त पाठ्यक्रम उपलब्ध नहीं होता है, तो इसे चतुर्थ सेमेस्टर में चुना जा सकता है। पार्ट टाइम पीएचडी के संबंध में यह निर्णय लिया गया कि जिन शोध छात्रों की पीएचडी करने के दौरान नौकरी लग जाती है। तो विश्वविद्यालय नियमानुसार वह रेगुलर मोड से पार्ट टाइम पीएचडी मोड के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इस अवसर पर प्रति कुलपति प्रोफेसर मृदुल कुमार गुप्ता, कुलसचिव धीरेंद्र कुमार वर्मा, डिप्टी रजिस्ट्रार सत्य प्रकाश, शोध निदेशक प्रोफेसर वीरपाल सिंह, प्रोफेसर हरे कृष्णा, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रोफेसर भूपेंद्र सिंह, प्रोफेसर जितेंद्र ढाका, प्रोफेसर संजय भारद्वाज, प्रोफेसर रमाकांत, डॉक्टर सचिन कुमार, डॉक्टर जितेंद्र सिंह, डॉक्टर जितेंद्र गोयल, प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र कुमार गुप्ता तथा ऑनलाइन मोड में जुड़े प्रोफेसर नवीन चंद्र लोहनी, प्रोफेसर जयमाला आदि मौजूद रहे।
