
नई दिल्ली एजेंसी। दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों पर बुधवार शाम को वोटिंग खत्म होने के बाद 11 एग्जिट पोल आए। 9 में भाजपा को बहुमत तो 2 में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने का अनुमान है। पोल ऑफ पोल्स में भाजपा को 39, आप को 30 और कांग्रेस को एक सीट मिलती दिख रही है। जेवीसी और पोल डायरी के एग्जिट पोल में अन्य को भी 1-1 सीट मिलने के आसार हैं। अगर भाजपा को बहुमत मिलता है तो वो 27 साल बाद सत्ता में लौटेगी। इससे पहले 1993 में भाजपा ने 49 सीटें जीतीं और 5 साल में 3 ब्ड बनाए थे। मदनलाल खुराना, साहिब सिंह वर्मा और सुषमा स्वराज। तीनों नेताओं के बेटे-बेटी दिल्ली की राजनीति में सक्रिय हैं। खुराना के बेटे हरीश खुराना मोतीनगर से, साहिब सिंह वर्मा के बेटे प्रवेश वर्मा नई दिल्ली से चुनाव लड़ रहे हैं। बांसुरी स्वराज नई दिल्ली से सांसद हैं। दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों पर बुधवार को 58.06 प्रतिशत वोटिंग हुई। नतीजे 8 फरवरी को घोषित होंगे। सरकार बनाने के लिए 36 सीटों की जरूरत है। दिल्ली को मिल सकता है एससी मुख्यमंत्री
अगर भाजपा सत्ता में आती है तो पार्टी में सीएम पद के लिए चर्चा में पहला नाम प्रवेश वर्मा का है। वे जाट समुदाय से आते हैं। दिल्ली के 364 में से 225 गांवों में जाटों की आबादी सबसे ज्यादा है। दिल्ली की करीब 50 सीटों पर ये असर डालते हैं, जबकि 20 सीटों पर हार-जीत का फैसला करते हैं। ऐसे में हरियाणा और पश्चिमी यूपी समेत अन्य राज्यों के जाटों साधने के लिए प्रवेश को मौका मिल सकता है। दूसरा नाम रमेश बिधूड़ी का है। वे गुर्जर समुदाय से आते हैं। जाट के बाद गुर्जर समुदाय की आबादी दिल्ली में सबसे ज्यादा है। गुर्जर दिल्ली की 9 सीटों पर असर डालते हैं। इनके अलावा तीसरा नाम दुष्यंत गौतम का है। वे ैब् समुदाय से आते हैं। देश में इस समय एक भी दलित मुख्यमंत्री नहीं है। ऐसे में भाजपा की सरकार बनने पर दुष्यंत गौतम को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। पार्टी के संकल्प पत्र (मेनिफेस्टो) का तीसरा पार्ट जारी करते समय अमित शाह ने कहा था कि अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली को दलित सीएम देने का वादा किया था। एग्जिट पोल पर 3 बयान ह बीजेपी सांसद मनोज तिवारी- मैंने अभी जो एग्जिट पोल देखे हैं, मुझे लगता है कि हमारा रिजल्ट एग्जिट पोल से बेहतर होने जा रहा है। लोगों के बीच जो प्रतिक्रिया हमने देखी है उससे भाजपा सत्ता में आ रही है। यह भाजपा की घर वापसी है। ह आप नेता सुशील गुप्ता- ये हमारा चौथा चुनाव है और हर बार एग्जिट पोल में आप की सरकार बनते हुए नहीं दिखाई गई। अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के लोगों के लिए काम किया है। 8 फरवरी को नतीजे आप के पक्ष में आएंगे। ह कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला- जो लोग कहते थे कि कांग्रेस जमीन पर मौजूद नहीं है, वे कांग्रेस को अच्छी संख्या में सीटें जीतते देखेंगे। आप वापस नहीं आएगी। किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलेगा। तीनों पार्टियों को बराबर सीटें मिलेंगी। आप के अलावा किसी पार्टी का सीएम फेस घोषित नहीं दिल्ली में आम आदमी पार्टी के अलावा किसी भी पार्टी ने सीएम फेस घोषित नहीं किया है। आप सत्ता में लौटी तो अरविंद केजरीवाल का मुख्यमंत्री बनना तय है। जबकि, भाजपा और कांग्रेस की ओर से तीन-तीन नाम चर्चा में हैं। हालांकि, कांग्रेस सरकार बनाती नहीं दिख रही है। भाजपा हमेशा मुख्यमंत्री को लेकर चौंकाती रही है, फिर भी आम लोगों के बीच प्रवेश वर्मा, रमेश बिधूड़ी और दुष्यंत गौतम के नाम की चर्चा है। वहीं, कांग्रेस की ओर से प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव, पूर्व सीएम शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित और महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा मुख्यमंत्री पद के बड़े दावेदार हो सकते हैं।