
मेरठ हीरा टाइम्स ब्यूरो। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के वीर बंदा बैरागी सभागार में इतिहास विभाग और साहित्यिक सांस्कृतिक परिषद के संयुक्त तत्वावधान में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जन्म जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्र नायक सुभाष व्यक्तित्व एवं विचार विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मारक समिति, मेरठ के अध्यक्ष बी.एन. पाराशर ने की। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता प्रख्यात इतिहासविद प्रो. के.डी. शर्मा रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में टाइम्स ऑफ इंडिया के ब्यूरो चीफ संदीप राय उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता प्रो. के.डी. शर्मा ने नेताजी के प्रेरणादायक जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सुभाष से नेताजी और फिर राष्ट्र नायक बनने का उनका सफर अत्यंत कठिन और प्रेरणादायक रहा। उन्होंने बताया कि नेताजी को यह उपनाम उनकी अभूतपूर्व लोकप्रियता के कारण मिला। तत्कालीन कांग्रेसी नेतृत्व के साथ मतभेदों के बावजूद, नेताजी का मानना था कि सभी स्वतंत्रता सेनानी अलग-अलग रास्तों से भारत की स्वतंत्रता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि नेताजी का त्याग और उनका राष्ट्र प्रथम का सिद्धांत सभी के लिए अनुकरणीय है। बी.एन. पाराशर ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मारक समिति द्वारा किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। विशिष्ट अतिथि संदीप राय ने कहा कि नेताजी के संघर्ष और बलिदान को वह स्थान आजाद भारत में नहीं मिल सका, जो उन्हें मिलना चाहिए था। इस अवसर पर प्रो. आराधना, प्रो. ए.वी. कौर, डॉ. कुलदीप कुमार त्यागी, डॉ. योगेश कुमार, डॉ. मनीषा त्यागी, डॉ. दीपक, शालिनी, पुष्पेंद्र, हरीश कुमार, सुधीर कुमार सहित सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनीषा त्यागी ने किया।