
शामली एजेंसी। में एसटीएफ ने 4 बदमाशों को मुठभेड़ में मार गिराया। सोमवार देर रात 2 बजे एसटीएफ ने मुखबिर की सूचना पर कार से जा रहे चार बदमाशों को घेर लिया, बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी।जवाब में एसटीएफ ने भी फायरिंग शुरू कर दी। दोनों तरफ से 30 राउंड फायरिंग हुई। 40 मिनट तक मुठभेड़ चली। इस दौरान एसटीएफ टीम को लीड कर रहे इंस्पेक्टर सुनील के पेट में तीन गोलियां लगीं। इसके बाद एसटीएफ ने 1 लाख के इनामी अरशद समेत चारों बदमाशों को गोली मार दी। एसटीएफ घायल बदमाशों और इंस्पेक्टर को करनाल के अमृतधारा अस्पताल ले गई। जहां डॉक्टरों ने चारों बदमाशों को मृत घोषित कर दिया। वहीं, इंस्पेक्टर की हालत को गंभीर देखते हुए गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल रेफर कर दिया। मुठभेड़ हरियाणा बॉर्डर पर स्थित थाना झिंझाना क्षेत्र में हुई। चारों बदमाश मुस्तफा कग्गा गैंग के थे। पुलिस अफसरों ने बताया कि पिछले 15 सालों में यूपी की यह सबसे बड़ी मुठभेड़ है। इससे पहले, 2004 में जौनपुर में बावरिया गिरोह के 8 बदमाश मुठभेड़ में ढेर हुए थे। ह रशद- फाइनेंस कंपनी में लूट की थी, 17 मुकदमे दर्ज थे: अरशद के खिलाफ लूट, डकैती, हत्या के 17 मुकदमे दर्ज हैं। सबसे पहला मुकदमा 2011 में डकैती का दर्ज हुआ। इसके बाद सहारनपुर के रामपुर मनिहारन थाना क्षेत्र में उसने हत्या को अंजाम दिया। 29 नवंबर, 2024 को बेहट में भारत फाइनेंस कंपनी में 6-7 बदमाशों ने गन पॉइंट पर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। इसमें अरशद भी शामिल था। लूट के बाद पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि अरशद समेत 4 फरार थे। अरशद के क्रिमिनल रिकॉर्ड को देखते हुए सहारनपुर पुलिस ने उस पर 25 हजार का इनाम रखा था। 19 दिसंबर एडीजी ने बढ़ाकर 1 लाख रुपए कर दिए। पुलिस और ैज्थ् लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। अरशद लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था। मंजीत- हत्या में 20 साल की जेल, पैरोल पर बाहर आया था: मंजीत दहिया ने 2021 में हत्या की थी। हत्या के मुकदमे में उसे कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाई थी। 5 महीने पहले वह 40 दिन की पैरोल पर जेल से आया था। इसके बाद वह वापस नहीं गया। तभी से पुलिस उसे तलाश रही थी। ह सतीश- पिता दरोगा थे, कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं: बदमाश सतीश सोनीपत जिले के शेखपुरा गांव का रहने वाला था। 2015 से वह करनाल के मधुबन में रह रहा था। उसके पिता राज सिंह हरियाणा पुलिस में सब-इंस्पेक्टर थे। उनकी 2017 में बीमारी के कारण मौत हो गई थी। सतीश का कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, वह पुलिस का मुखबिर था।