
मवाना (विशेष संवाददाता)। हस्तिनापुर में भू-माफियाओं के हौसले दिन-ब-दिन बुलंद होते जा रहे हैं। नगर पंचायत अधिकारियों की मिलीभगत के चलते सरकारी सड़क की भूमि पर खुलेआम अतिक्रमण किया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि छुट्टी के दिन, जब नगर पंचायत के अधिकारी कार्यालय से अनुपस्थित रहते हैं और उनके फोन बंद होते हैं, भू-माफिया इस स्थिति का फायदा उठाकर सरकारी भूमि पर कब्जा शुरू कर देते हैं। आश्चर्यजनक रूप से, प्रशासन को इन घटनाओं की पूरी जानकारी होने के बावजूद अभी तक अतिक्रमण रोकने या दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने में कोई कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत अधिकारियों और भू-माफियाओं के बीच मिलीभगत के सबूत स्पष्ट हैं। सरकारी तंत्र की इस निष्क्रियता से न केवल सरकारी संपत्तियों का नुकसान हो रहा है, बल्कि यह संदेश भी जा रहा है कि प्रशासनिक अधिकारियों की आंखों के सामने कानून तोड़ा जा सकता है। स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और नगर पंचायत अधिकारियों की भूमिका की जांच कर दोषियों को सजा दी जाए। साथ ही, अतिक्रमण रोकने के लिए छुट्टी के दिनों में भी निगरानी के लिए विशेष टीम तैनात की जाए। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर क्या कदम उठाता है और कब तक जनता को न्याय मिल पाता है।