
मेरठ संवाद सूत्र। कस्बा परीक्षितगढ़ में मवाना बस स्टैंड के पास मकान में शव मिलने से सनसनी मच गई। किसान का शव फंदे पर लटका मिला। किसान एक दिन पहले अपने रिश्तेदार के घर उधार के पैसे लेने गया था। एक महीने बाद बेटी की शादी के लिए 6 लाख रुपए लेने गए थे। रात में देर होने पर किसान रिश्तेदार के घर पर ही रुक गया। रिश्तेदारों ने सुबह किसान के घर पर आत्महत्या करने की खबर दी। परिवार खबर मिलते ही मौके पर पहुंच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची है। परिवालों ने रिश्तेदार पर छह लाख रुपए के लेनदेन में हत्या का आरोप लगाया है। मेरठ के किठौर थाना क्षेत्र के छीड़ियो गांव निवासी सुरेशपाल (55) की संदिग्ध हालत में मौत हो गई है। सुरेशपाल की लाश अपने देनदार सत्येंद्र के घर पर जाल में लटकी मिली है। सुबह-सुबह सत्येंद्र के घरवालों ने सुरेश के परिवार वालों को बताया कि सुरेश ने सुसाइड कर लिया है।
उसने जाल पर लटककर फांसी लगा ली है। तस्वीर मृतक किसान सुरेश पाल की है तस्वीर मृतक किसान सुरेश पाल की है
इसके बाद आनन-फानन में सुरेश के घरवाले मौके पर पहुंचे। सुरेश को फंदे से लटकता देख उसके घरवालों के पैरों तले जमीन खिसक गई। सुरेश के घरवालों ने देनदार सत्येंद्र पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 6 लाख रुपए की उधारी से जुड़ा है मामला इसी जाल पर लटका था सुरेश इसी जाल पर लटका था सुरेश मृतक सुरेश के घरवालों ने सत्येंद्र और उसके परिजनों पर हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि पूरा मामला 6 लाख रुपयों की देनदारी का है। दरअसल 4 साल पहले सुरेश ने सत्येंद्र को 6 लाख रुपए उधार दिए थे। लगातार सुरेश अपना पैसा वापसी मांग रहा था। लेकिन सत्येंद्र रकम देने को राजी नहीं था। बुधवार को सत्येंद्र ने खुद सुरेश को 6 लाख रुपए वापस देने के लिए अपने घर परीक्षितगढ़ बुलाया। वह रात को वहीं रुका। सुबह उसी के घर में उसकी लाश घर में बने लोहे के जाल पर रस्सी से फंदे पर लटकी मिली है। रात को देनदार सत्येंद्र ने अपने ही घर में रोका मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच करते हुए मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच करते हुए सुरेश की बेटी सोनिया ने पुलिस को बताया कि बुधवार को सत्येंद्र ने फोन किया था। इसके बाद कहा यहीं परीक्षितगढ़ आकर अपना पैसा ले जाओ। पापा पैसे लेने परीक्षितगढ़ चले गए। वो दिनभर वापस भी नहीं लौटे। शाम लगभग 7 बजे उन्होंने फोनकर हमसे कहा कि रात हो रही है। दूर आना है इसलिए कल सुबह यानी गुरुवार को पैसा लेकर वापस आ जाऊंगा। आज रात यहीं रुकूंगा। लेकिन सुबह पापा नहीं आए बल्कि सतयेंद्र के घरवालों ने हमें फोन कर कहा कि तुम्हारे पापा ने फांसी लगा ली है। तब हम यहां परीक्षितगढ़ आए। पुलिस, फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची पति की मौत के बाद विलाप करती पत्नी पति की मौत के बाद विलाप करती पत्नी सुरेश की बेटी की मार्च में शादी होनी है। बेटी की शादी के लिए वो पैसे जमा कर रहा था। सुबह सुरेश के घरवाले परीक्षितगढ़ पहुंचे। वहां सुरेश की लाश देखकर हंगामा शुरू कर दिया। सीओ सदर देहात नवीना शुक्ला, फोरेंसिक टीम और एसओ परीक्षितगढ़ दिनेश प्रताप मौके पर हैं। वहीं घरवालों ने सतयेंद्र के खिलाफ नामजद हत्या की तहरीर दी है। साथ ही मौके पर जाम लगाया। पुलिस ने किसी तरह परिजनों को समझाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। बेटी बोली- मैंने कहा था पापा पैसे छोड़ो, घर आ जाओ रोते हुए बेटी बोली- इन लोगों ने मेरे पापा को मार डाला रोते हुए बेटी बोली- इन लोगों ने मेरे पापा को मार डाला बेटी बोली- मार्च में मेरी शादी है। पापा उसी के लिए पैसे अरेंज कर रहे थे। सत्येंद्र हमारे दूर के रिश्तेदार हैं। सत्येंद्र रिटायर फौजी हैं। अभी कहीं जॉब करते हैं। कुछ समय पहले उन्हें जमीन की खरीद के लिए कुछ पैसे चाहिए थे। उन्होंने मेरे पापा से 6 लाख रुपए लिए थे। कल इन लोगों ने मेरे पापा को फोन कर पैसे लेने बुलाया था। पापा वहां पैसे लेने गए, तो शाम को उन्होंने मुझे बताया कि ये लोग पैसे देने से इंकार कर रहे हैं। मैंने कहा कि मैं भइया को भेजकर आपको किठौर बुला लेती हूं। वो आपको ले आएगा। अब ये उधारी के पैसे छोड़ो, नहीं चाहिए हमें ये पैसा। बाद में पापा ने फिर फोन किया कहा- अब सत्येंद्र पैसे देने को कह रहा है। लेकिन बोला है कि सुबह पैसा दे देंगे। मैं खुद तुम्हें किठौर छोड़ दूंगा। लेकिन सुबह साढ़े सात बजे हमें फोन आया कि तेरे पापा ने फांसी लगा ली। बेटी ने कहा कि पापा के पेंट का हुक टूटा मिला है। सत्येंद्र ने उन्हें अपना लोअर पहनाया हुआ है, इन लोगों ने पापा की हत्या की है। सुरेश को देनदार सत्येंद्र ने अपने कपड़े पहनाए घरवालों ने आरोप लगाया कि सत्येंद्र के बदन पर जैकेट अलग है जबकि वो आज तक कपड़े निकालकर नहीं सोते। नया मोहरा खरीदकर उससे खुद इन लोगों ने पापा को लटकाया है। इन लोगों ने हमारे आने से पहले ही लाश को पोस्टमार्टम के लिए पैक कर दिया। इसमें पुलिसवाले का भी हाथ है। अगर रात को ही मौत हो गई थी, तो इन लोगों ने हमें रात को ही बताना था। लाश को पहले ही कर दिया सील,हमारे आने से पहले लाश को फंदे से उतारकर सील कर दिया। इसके बाद हमें बुलाया। अगर हमे आने में 10 मिनट देरी हो जाती तो ये लाश पोस्टमार्टम को भेज देते। ताकि हत्या का हर सबूत मिट जाए।